बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवम्बर से प्रारम्भ है। जिले की 49 सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक कुल 60,782.28 मैट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। हालांकि, खरीदी प्रक्रिया चल है पर धान के उठाव की धीमी गति प्रशासन और किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
जानकारी के अनुसार, अब तक केवल 204 मैट्रिक टन धान का डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) जारी किया गया है। इसमें से वास्तविक रूप से मात्र 140 मैट्रिक टन धान का ही उठाव हो पाया है। जिले की अधिकांश सहकारी समितियों में धान का भंडारण खुले आसमान के नीचे किया गया है।
मौसम बदलाव से धान खराब होने की आशंका
मौसम में अचानक बदलाव या बारिश की स्थिति में धान के खराब होने की आशंका बनी हुई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने का खतरा है। कई समितियों में जगह की कमी के कारण तिरपाल के सहारे धान को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन लंबे समय तक खुले में रखे जाने से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
किसानों ने की धान उठाव में तेजी लाने की मांग
किसान लगातार धान उठाव तेज करने की मांग कर रहे हैं। ताकि उनकी उपज सुरक्षित रूप से राइस मिलों तक पहुंच सके। जिले के कई सहकारी समितियां में धान बफर लिमिट से अधिक खरीदी हो गया है। जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) प्रितिका पूजा केरकेट्टा ने बताया कि रामानुजगंज सहकारी समिति में धान का उठाव हो रहा है और अन्य सहकारी समितियों में भी जल्द ही उठाव प्रारंभ कराया जाएगा।
भंडारण दबाव कम करने के निर्देश
राइस मिलों से बातचीत जारी है। आने वाले दिनों में धान का उठाव तेजी से किया जाएगा। ताकि सहकारी समितियों पर भंडारण का दबाव कम हो और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही, समितियों को अस्थायी रूप से धान की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकांश सहकारी समितियों में बफर लिमिट से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है।