DSP कल्पना वर्मा और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन से जुड़े मामले में अब नया राजनीतिक मोड़ आ गया है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं राधिका खेड़ा ने दीपक टंडन के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी तत्कालीन सचिव सौम्या चौरसिया से संबंधों की जांच की मांग की है।
राधिका खेड़ा ने सवाल उठाया है कि कुछ ही सालों में एक छोटे व्यापारी से बड़ा कारोबारी बनने की कहानी क्या है। उन्होंने यह भी पूछा कि दीपक टंडन किसके कहने पर सौम्या चौरसिया से जेल में मिलने जाता था। राधिका का कहना है कि इन सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि पूरा सच सामने आ सके।
DSP कल्पना वर्मा पर लव ट्रैप का आरोप लगाने वाले कारोबारी दीपक टंडन के होटल वेलकम श्री का एक वीडियो भी वायरल है। इसमें कुछ लोग उसकी जमकर पिटाई करते नजर आ रहे हैं। सारे कपड़े उतार कर नग्न कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो कुछ साल पुराना है। लेन-देन के मामले से जुड़ा हुआ। बकाया रकम नहीं चुकाने को लेकर विवाद हुआ था।
राधिका खेड़ा के बारे में जानिए
लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण के मतदान के दौरान कांग्रेस की नेता राधिका खेड़ा भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गई थीं। भाजपा में शामिल होने से पहले वह कांग्रेस की नेशनल मीडिया को-ऑर्डिनेटर थीं। इससे पहले वे पार्टी की नेशनल सेक्रेटरी और सोशल मीडिया हेड की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी थी।
राधिका खेड़ा ने कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मेरी से हाई स्कूल की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स (DCAC) से पॉलिटिकल साइंस में बीए (ऑनर्स) किया है।
DSP कल्पना वर्मा ‘लव ट्रैप’ मामला
डीएसपी कल्पना वर्मा जब महासमुंद में पदस्थ थीं, तब 2021 में वह अपने कुछ साथियों के साथ दीपक टंडन के होटल पहुंची थीं। कल्पना का एक बैचमेट और टंडन आपस में म्यूचुअल फ्रेंड थे, जिन्होंने दोनों की मुलाकात कराई। इसी दौरान दोनों के बीच मोबाइल नंबर एक्सचेंज हुए।
मुलाकात के करीब दो दिन बाद कल्पना के नंबर से टंडन को कॉल आया और मिलने-जुलने का सिलसिला शुरू हुआ। जब भी कल्पना महासमुंद से रायपुर आतीं, दोनों की मुलाकात होती थी। धीरे-धीरे साथ घूमने-फिरने और शॉर्ट टूर पर जाने की बात भी सामने आई।
कारोबारी ने कब और क्या शिकायत की
रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन ने अक्टूबर महीने में खम्हारडीह थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि डीएसपी और उनके परिजनों ने पैसे, गाड़ी और ज्वैलरी ली, लेकिन सामान वापस नहीं किया।
शिकायत के बावजूद शुरुआती दौर में खम्हारडीह पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद टंडन ने मीडिया के सामने पूरे मामले की जानकारी रखी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, हालांकि पुलिस अधिकारी लंबे समय तक आधिकारिक जानकारी देने से बचते रहे।