
जिसके बाद RSS के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें वापस जाने के लिए दबाव बनाने लगे। पूरी घटना जरहाभाठा मिनी बस्ती महंतबाड़ा में आयोजित समारोह की है। हंगामे का वीडियो भी सामने आया है।
18 दिसंबर को प्रदेश भर में मनाई गुरु घासीदास जयंती
दरअसल, गुरुवार 18 दिसंबर को देश व प्रदेश के साथ ही शहर में गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर समारोह का आयोजन किया गया। सतनामी समाज के लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ समारोह का आयोजन किया।
इस दौरान जैतखंभ पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिला और पुरुष श्रद्धालु अपनी-अपनी मन्नत लेकर नारियल और पूजा सामग्री के साथ जैतखंभ पहुंचे, जहां विधि विधान से पूजा-अर्चना की गई।
RSS के लोगों की मौजूदगी पर हुआ बवाल
बिलासपुर के जरहाभाठा मिनी बस्ती में भी सतनामी महासभा समिति महंत बाड़ा में बाबा गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यहां जैतखंभ पर समाज के लोग पूजा आराधना कर रहे थे।
राजमहंत डॉ. बसंत अंचल ने कार्यक्रम में RSS के पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया था। लेकिन, जब समारोह में RSS के पदाधिकारी पहुंचे, तब उन्हें देखकर समाज के युवा भड़क गए।
उन्होंने सामाजिक कार्यक्रम में RSS की मौजूदगी पर आपत्ति जताई, जिसके बाद नारेबाजी करते हुए उन्हें वापस जाने के लिए दबाव बनाने लगे। युवाओं ने RSS के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।