भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में करोड़ों रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है। बैंक के चीफ मैनेजर ने इंटरनल अकाउंट से करीब 2.78 करोड़ रुपए अवैध रूप से निकाले और उन्हें शेयर मार्केट में निवेश किया। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसबीआई क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। जांच के बाद एसीबी की टीम ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर विजय कुमार आहके को गिरफ्तार किया है।
एसीबी के अनुसार आरोपी ने स्पेशलाइज्ड करेंसी मैनेजमेंट ब्रांच का प्रमुख रहते हुए इंटरनल एकाउंट का उपयोग किया। यह ऐसा एकाउंट होता है, जिसकी कोई तय सीमा नहीं होती। इस तरह चीफ मैनेजर ने 8 महीनों में 2.78 करोड़ रुपए फर्जी प्रविष्टियों के जरिए निकालकर अपने व पत्नी के खातों में ट्रांसफर किए। इसके बाद इन पैसों को ट्रेडिंग में उड़ा दिया।
रायपुर स्थित निवास पर सर्च के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 18 दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका, सुपरवाइजरी चूक और ड्यू डेलिजेंस की कमी की भी जांच की जा रही है।
सिस्टम को दिया चकमा एसबीआई की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने बैंक के रेड फ्लैग इंडिकेटर (आरएफआई) सिस्टम को भी चकमा दिया। इससे बचने के लिए आरोपी ने तय 30 दिन की अवधि से पहले ही अलग-अलग फर्जी एंट्री कर रकम का रोलओवर कर दिया।
इसके चलते ही अलर्ट जनरेट नहीं हो पाया और यह करप्शन सामने नहीं आया। आरोपी ने निकाले गए रकम का उपयोग क्रिप्टो और ट्रेडिंग में लगाया। इसके लिए धन एप और डेल्टा एक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया।