छत्तीसगढ़ के एक प्रवासी मजदूर को केरल में बांग्लादेशी समझकर इतना पीटा गया कि उसकी मौत हो गई। सक्ती जिले के करही गांव के रहने वाले रामनारायण बघेल (40) लगभग एक हफ्ते पहले मजदूरी के लिए केरल के पल्लकड़ गए थे और काम की तलाश कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, केरल पुलिस ने मृतक की पहचान आधार कार्ड से कर सक्ती पुलिस को सूचना दी कि 17 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। जिसके बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जा रहा है पल्लकड़ के रहने वाले स्थानीय लोगों ने उन्हें बांग्लादेशी समझ हाथ मुक्के से खूब पीटा। इसकी वीडियो भी सामने आया है।
पिटाई के कारण हुई मौत
जानकारी के अनुसार, कुछ स्थानीय लोगों ने 17 दिसंबर की दोपहर 3 से 4 बजे के बीच रामनारायण को घेर लिया। उन पर “बांग्लादेशी” होने का आरोप लगाकर मारपीट की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिटाई के कारण रामनारायण की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
शव पैतृक गांव तक पहुंचाने की मांग
मृतक के परिजनों ने केरल सरकार या पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक मुआवजे की घोषणा न होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सरकार से तत्काल मुआवजा देने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और रामनारायण के शव को उसके पैतृक गांव तक पहुंचाने की मांग की है।
मृतक के कुछ परिजन घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं, ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को वापस लाने की व्यवस्था की जा सके। यह घटना प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर से सामने लाती है।
5 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा
केरल पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा पुलिस करेगी।