
राज्य के लगभग सभी जिलों में पिछले तीन से चार दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री बढ़ा है। अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टरों ने दो लेयर में कपड़े पहनने की सलाह दी है।
मैदानी इलाकों में दुर्ग सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान पिछले तीन दिनों में 10°C से बढ़कर 14.8°C हो गया। रायपुर में भी न्यूनतम तापमान 13°C से बढ़कर लगभग 17°C तक पहुंच गया।
पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.7°C दंतेवाड़ा में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.4°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया। पांच दिन पहले अंबिकापुर में तापमान 6°C तक गिर गया था, जो पिछले दस वर्षों में नवंबर महीने में पहली बार रिकॉर्ड हुआ।
रायगढ़ में ठिठुरन, 9 जगहों पर अलाव की व्यवस्था
रायगढ़ में ठंड से बचाव के लिए निगम ने करीब 9 जगह अलाव की व्यवस्था की है। इन स्थानों में मेडिकल कॉलेज में 2 जगह, चक्रधर नगर ऑटो पार्किंग, रामनिवास टॉकीज चौक, रेलवे स्टेशन, अशर्फी देवी अस्पताल, जिला अस्पताल, केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड, मिनी माता चौक और शनि मंदिर के पास लकड़ी रखी गई है।
ये जगह ऐसी हैं जहां रात के वक्त लोगों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए ठंड से राहत देने के लिए विशेष रूप से अलाव की व्यवस्था की गई है।
जिले के ग्रामीण और जंगल इलाके शहर की तुलना में अधिक ठंड वाले हैं। लैलूंगा, कापू, छाल और धरमजयगढ़ जैसे क्षेत्रों में शाम ढलने के बाद लोग घर में दुबककर रहते हैं और ठंड से बचने के लिए गरम कपड़े और अलाव का सहारा ले रहे हैं।
रायगढ़ में ठिठुरन, 9 जगहों पर अलाव की व्यवस्था
रायगढ़ में ठंड से बचाव के लिए निगम ने करीब 9 जगह अलाव की व्यवस्था की है। इन स्थानों में मेडिकल कॉलेज में 2 जगह, चक्रधर नगर ऑटो पार्किंग, रामनिवास टॉकीज चौक, रेलवे स्टेशन, अशर्फी देवी अस्पताल, जिला अस्पताल, केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड, मिनी माता चौक और शनि मंदिर के पास लकड़ी रखी गई है।
ये जगह ऐसी हैं जहां रात के वक्त लोगों का आना-जाना लगा रहता है, इसलिए ठंड से राहत देने के लिए विशेष रूप से अलाव की व्यवस्था की गई है।
जिले के ग्रामीण और जंगल इलाके शहर की तुलना में अधिक ठंड वाले हैं। लैलूंगा, कापू, छाल और धरमजयगढ़ जैसे क्षेत्रों में शाम ढलने के बाद लोग घर में दुबककर रहते हैं और ठंड से बचने के लिए गरम कपड़े और अलाव का सहारा ले रहे हैं।