
जानकारी के मुताबिक, बच्ची नारायणपुर के बखरूपारा की रहने वाली है। इसकी उम्र करीब 3 साल है। सप्ताहभर पहले अपने घर में ही ये खेल रही थी। परिजन भी घर में ही थी। इस दौरान एक टिकटॉक पेन को बच्ची ने खेलते-खेलते तोड़ दिया। जिसके बाद किसी तरह से स्प्रिंग को अपनी नाक में डाल दी। बच्ची जोर-जोर से रोने लगी। जिसके बाद परिजन बच्ची के पास पहुंचे।
2 दिनों तक बच्ची बेचैन रही
तब परिजनों को पता नहीं चल पाया था कि स्प्रिंग नाक में फंसी हुई है। किसी तरह उसे शांत करवाया। 1-2 दिन तक बच्ची काफी बेचैन थी। जिसके बाद परिजन आस-पास में ही स्थित किसी प्राइवेट क्लिनिक में लेकर गए थे। जहां डॉक्टर्स बच्ची की नाक में कुछ फंसा होने की बात बताए। हालांकि, वे निकाल नहीं पाए।
जिला अस्पताल लेकर आए परिजन
जिसके बाद परिजन बच्ची को जिला अस्पताल लेकर आए। जहां मेडिकल ऑफिसर हिमांशु सिन्हा समेत अन्य ने बच्ची को हैंडल किया। जिसके बाद बच्ची की माइनर सर्जरी की गई। डॉक्टरों की सूझबूझ से बच्ची की जिंदगी बचाई जा सकी। डॉक्टर हिमांशु सिन्हा ने कहा कि, बच्ची को ब्लीडिंग हो रही थी।
ब्लीडिंग ब्रेन को जाती है और ब्रेन इन्फेक्शन हो सकता था। इंटरनल ट्रॉमा हो सकता था। लेकिन समय रहते इलाज किया गया और उसकी जिंदगी बचा ली गई। कुछ घंटे तक बच्ची को डॉक्टरों ने अपनी निगरानी में रखा था।
ध्यान देने की अपील
वहीं जिला अस्पताल के डॉक्टर हिमांशु सिन्हा ने परिजनों से अपील की है कि छोटे बच्चों का ध्यान रखें। उन्हें किसी भी तरीके की परेशानी हो तो बिना किसी देरी के अस्पताल लेकर आएं। ट्रीटमेंट करवाएं। लापरवाही करेंगे तो जिंदगी का खतरा रहेगा।