छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ करने वाले बजरंग दल के 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तेलीबांधा थाने में घुस गए थे। बवाल के बीच अरेस्ट कर पुलिस बस से सेंट्रल जेल लेकर गई है।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दोपहर से तेलीबांधा पुलिस स्टेशन के सामने चक्काजाम कर दिया था। सड़क पर हवन कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारी चूल्हा और राशन लेकर आ गए थे। तेलीबांधा थाने के सामने सड़क पर टेंट लगा कर बैठे। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। हालांकि गिरफ्तारी की संख्या पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
मौके पर 2 ASP, 4 CSP और 12 से ज्यादा थाना प्रभारी समेत अतिरिक्त बल मौजूद हैं। मंदिर हसौद और एयरपोर्ट से रायपुर शहर की ओर आने वाले ट्रैफिक को तेलीबांधा चौक के पास नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट कर दिया गया है।
वहीं बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि उन्होंने मॉल में तोड़फोड़ नहीं की। सजावट को हुए नुकसान पर इतना बड़ा एक्शन लेना गलत है। वे इसका विरोध कर रहे हैं। आज का विरोध प्रदर्शन उनकी योजना का हिस्सा था। हम उस पुलिस स्टेशन को घेर रहे हैं, जहां FIR दर्ज की गई है।
चिढ़ाने के लिए मॉल में संता की मूर्ति लगाई – बजरंग दल
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि मॉल में तोड़फोड़ की शिकायत के बाद उनके कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि कांकेर में 800 लोगों ने उनके 25 हिंदू भाइयों पर हमला किया और उन्हें पीटा। अगर पुलिस चाहती तो आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती थी।
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई की होती तो छत्तीसगढ़ बंद नहीं होता। इस तरह की घटना नहीं होती। भले ही चैंबर ऑफ कॉमर्स ने हड़ताल का आह्वान किया था, लेकिन मॉल मालिकों ने बजरंग दल को भड़काने के लिए सांता क्लॉज की मूर्ति लगाई। बाइबिल में कहीं भी सांता क्लॉज का जिक्र नहीं है।