
बोर्ड ने रायपुर मंडल के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद रेलवे केंद्री स्टेशन के पास 60 एकड़ की जमीन एनआरडीए से जमीन खरीदेगा। इसके बाद स्टेशन को डेवलप करने का काम शुरू होगा। इसके तहत केंद्री स्टेशन में 9 प्लेटफॉर्म बनाई जाएगी।
इसमें 1 होम प्लेटफॉर्म व 4 आइलैंड प्लेटफॉर्म रहेगा। इसके साथ ही 5 पिट लाइन, 5 स्टेबलिंग लाइन, 4 इंटरमीडिएट ओवरहॉलिंग लाइन, 4 मैकेनिकल लाइन और 3 शंटिंग नेक बनाई जाएगी। इसके साथ ही यहां वाशिंग लाइन बनाई जाएगी।
जानिए… केंद्री रेलवे स्टेशन के डेवलमेंट से क्या-क्या फायदे होंगे
नई ट्रेनें शुरू होंगी केंद्री स्टेशन के विकास होने के बाद यह रूट सीधे मुंबई, कोलकाता और विशाखापट्टनम से जुड़ जाएगा। यहां से नई ट्रेनों का संचालन शुरू होगा। वर्तमान में रायपुर मंडल के अंतर्गत करीब 12 ट्रेनें लंबी दूरी की ट्रेनें संचालित हो रही हैं। वाशिंग लाइन छोटी होने की वजह से कई मार्ग पर नई ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
ट्रेनों की प्राइमरी जांच अभी दुर्ग में ही ट्रेनों का परीक्षण होता है। केंद्री स्टेशन के विकास के बाद रायपुर-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस, दुर्ग-जम्मूतवी, दुर्ग- निजामुद्दीन, दुर्ग-गोरखपुर, दुर्ग-कानपुर, दुर्ग-भोपाल, दुर्ग-जयपुर, दुर्ग-अजमेर, दुर्ग-दल्ली राजहरा एक्सप्रेस का रायपुर में परीक्षण हो सकेगा। अभी इन ट्रेनों की जांच में 6 घंटे लगते हैं।
ट्रेनों की धुलाई-मरम्मत केंद्री स्टेशन में वाशिंग लाइन बनाने की योजना भी है। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद यहां वाशिंग लाइन का निर्माण किया जाएगा। यहां पर एक साथ करीब 30 से अधिक ट्रेनों की धुलाई और मरम्मत होगी। यही नहीं दुर्ग की वाशिंग लाइन में लोड कम हो जाएगा और ट्रेनों की बोगियों की मरम्मत भी जल्द होगी।
लाइन का व्यवसायिक इस्तेमाल भी होगा इस प्रोजेक्ट से तरह के व्यापारिक फायदे भी होंगे। लाइन का व्यवसायिक प्रयोग भी होगा। यह लाइन जिन इलाकों से गुजरेगी, वहां सीमेंट तथा अन्य बड़ी संख्या में उद्योग हैं, इसलिए यह रूट ढुलाई के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।