
शिकायत को गंभीर मानते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) व निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-48 रायपुर ग्रामीण ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। प्रशासनिक स्तर पर इसे संवेदनशील मामला माना जा रहा है, क्योंकि वोटर लिस्ट से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी का सीधा असर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ता है।
फील्ड वेरिफिकेशन में सामने आई खामियां
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जांच दल ने भाग संख्या 63 और 64 की मतदाता सूची का मौके पर फील्ड वेरिफिकेशन किया। जांच में यह तो पाया गया कि संबंधित मतदाता क्षेत्र में ही निवासरत हैं, लेकिन बड़ी संख्या में मतदाताओं के मकान नंबर और पते में गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इन गड़बड़ियों को मामूली मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि ऐसी गलतियां भविष्य में मतदाता अधिकारों को प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल प्रशासन मतदाताओं से फार्म-8 भरवाकर विवरण सुधारने की प्रक्रिया में जुटा है।
कौन करेगा जांच
गठित जांच दल में रायपुर तहसीलदार राममूर्ति दीवान, नगर निगम बीरगांव के राजस्व उप निरीक्षक शैलेन्द्र निर्मलकर और ग्राम बीरगांव के महेश कुमार सोनवानी को शामिल किया गया है। टीम को मौके पर जाकर पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच के निर्देश दिए गए हैं।
वोटर लिस्ट में अनियमितता का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि विशेष पुनरीक्षण के दौरान हर शिकायत की जांच की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।