
आईजी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य हिंसा का मार्ग छोड़ चुके लोगों को कौशल प्रशिक्षण और अलग-अलग सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। इसका लक्ष्य उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम बनाना है।
उन्होंने पुनर्वासितों से प्रशिक्षण अवधि का पूरी लगन से उपयोग करने और सीखे गए ज्ञान को अपने गांवों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने पुनर्वास केंद्र में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद पुनर्वासित व्यक्ति स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम हो सकें, यही शासन का लक्ष्य है। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने ‘पुना मार्गेमरू पुनर्वास से पुनर्जीवन’ योजना के तहत दिए जा रहे विभिन्न ट्रेड के कौशल प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया के बारे में बताया।