दुर्ग जिले की पुलिस ने म्युल अकाउंट के एक संगठित गैंग का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया

Chhattisgarh Crimesदुर्ग जिले की पुलिस ने म्युल अकाउंट के एक संगठित गैंग का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और सिम कार्ड जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टा और साइबर फ्रॉड में किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार थाना पद्मनाभपुर में 30 दिसंबर 2025 को एक प्रार्थी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी मोबाइल दुकान में अमित मिश्रा नामक युवक मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। इसी दौरान अमित मिश्रा के परिचय से लोकेश जाधव उर्फ लक्की नामक युवक दुकान पर आने-जाने लगा।

कुछ महीने पहले लोकेश ने प्रार्थी को यह कहकर झांसे में लिया कि उसके भाई टवन का बाहर से पैसा आने वाला है, लेकिन उसके पास बैंक खाता नहीं है। बदले में 20 हजार रुपए का लालच देकर उसने प्रार्थी से बैंक खाता इस्तेमाल करने की अनुमति ले ली।

खाता फ्रीज हुआ तो ठगी का हुआ एहसास

प्रार्थी के अनुसार उसने एक्सिस बैंक महाराजा चौक शाखा और आईडीबीआई बैंक कुम्हारी शाखा का खाता लोकेश को सौंप दिया। कुछ दिनों बाद आईडीबीआई बैंक का खाता फ्रीज होने पर उसे ठगी का संदेह हुआ, जिसके बाद उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विवेचना शुरू की।

एफआईआर की जानकारी मिलते ही मुख्य आरोपी लोकेश जाधव महाराष्ट्र के कल्याण भागने की फिराक में था। पुलिस ने उसे दुर्ग बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से अन्य लोगों के 33 एटीएम और क्रेडिट कार्ड, 15 चेकबुक, 9 पासबुक और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए।

बड़े भाई के साथ मिलकर म्यूट अकाउंट करता था सप्लाई

पूछताछ में लोकेश ने खुलासा किया कि वह अपने बड़े भाई टवन कुमार जाधव के साथ मिलकर म्युल अकाउंट सप्लाई का काम करता है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने प्रगति मैदान बोरसी स्थित टवन जाधव के घर दबिश दी। घर की तलाशी में 28 एटीएम व क्रेडिट कार्ड, 8 चेकबुक, 8 पासबुक और 4 सिम कार्ड बरामद हुए।

पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने विनय सिंह सेंगर, राजू गायकवाड और अमित मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी अलग-अलग लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड जुटाकर साइबर ठगों को सप्लाई करते थे।

78 एटीएम कार्ड और 18 पासबुक जब्त

पुलिस ने आरोपियों से कुल 78 एटीएम व क्रेडिट कार्ड, 21 चेकबुक, 18 पासबुक और 16 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना पद्मनाभपुर में अपराध दर्ज कर सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि इस मामले में अभी जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ में कुछ नाम सामने आए हैं, जिन्हें ट्रेस किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। अन्य लोगों की संलिप्ता भी खंगाली जा रही है।