
हाथी ने बाबूलाल पांडो के घर का दरवाजा भी तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी के उत्पात के दौरान लोग जान बचाने के लिए अपने घरों से निकलकर इधर-उधर छिपते रहे। करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम से पूरा गांव सहम गया।
नुकसान के आकलन में जुटा विभाग
हाथी के गांव में प्रवेश की सूचना मिलते ही वन विभाग की दो टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और गांव में तैनात रहीं। उत्पात मचाने के बाद हाथी पास के आवे आनंदपुर जंगल की ओर चला गया।
वन विभाग की टीम ने प्रभावित घरों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। हाथी द्वारा किफायत अंसारी, राम सुंदर रामदास, मेहताब आलम, लक्ष्मी नारायण एवं बैजनाथ के घरों को क्षति पहुंचाई गई है।
15 दिन से विचरण कर रहा हाथी
वन विभाग के रेंजर अजय वर्मा ने बताया कि यह नर हाथी पिछले लगभग 15 दिनों से रामानुजगंज वन परिक्षेत्र एवं धमनी वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहा है। हाथी नदी पार कर झारखंड की ओर भी चला जाता है, जिससे सीमावर्ती गांवों में लगातार खतरा बना हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग एवं प्रशासन से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने के लिए ठोस एवं स्थायी व्यवस्था की जाए,
ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने इसे आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा का गंभीर सवाल बताया