
डीएड अभ्यर्थियों का क्या है आरोप
डीएड अभ्यर्थियों का आरोप है कि हाई कोर्ट ने दो अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को उनकी नियुक्ति के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी किए थे। इसके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट ने भी 28 अगस्त 2024 को राज्य शासन को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए थे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रशासन ने 2621 बीएड धारकों को पद से हटाकर उन्हें विज्ञान प्रयोगशाला में समायोजित कर दिया, लेकिन रिक्त पड़े 2300 पदों पर डीएड योग्य उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है।
200 अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर
वर्तमान में लगभग 200 अभ्यर्थी कड़ाके की ठंड और विपरीत परिस्थितियों में आमरण अनशन पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि 24 दिसंबर से जारी इस आंदोलन की सुध लेने शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई भी प्रतिनिधि नहीं आया है। वर्ष 2023 से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे ये युवा अब मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। अभ्यर्थियों की
क्या है अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगे
उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का तत्काल पालन हो। सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के शेष 2300 रिक्त पदों पर अविलंब नियुक्ति दी जाए।