छत्तीसगढ़ के बेमेतरा कलेक्ट्रेट में मंगलवार को कांग्रेस नेता और ठेकेदार ने सुसाइड की कोशिश की। उन्होंने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया और माचिस से आग लगाने लगे। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों बीच-बचाव करते हुए माचिस छीन लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पीड़ित का नाम आरिफ बाठिया है, जो कि पेशे से ठेकेदार हैं। इसके अलावा वे राजनीति में भी एक्टिव हैं। आरिफ बाठिया जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव रह चुके हैं। हालांकि, वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी भंग हो गई है।
कांग्रेस नेता का आरोप है कि पिछले 2 सालों से नवागढ़ में कृषि भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिसका फाइनल पेमेंट 14 लाख रुपए के लिए बिल भी पेश किया गया है। लेकिन खाद्य मंत्री दयालदास का दबाव बताकर कृषि विस्तार अधिकारी राकेश चतुर्वेदी फाइनल पेमेंट नहीं कर रहे हैं।
इससे परेशान होकर आरिफ कलेक्ट्रेट में आत्मदाह करने पेट्रोल लेकर पहुंचे थे। जबकि कृषि विस्तार अधिकारी ने मंत्री दबाव वाले आरोप को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में मंत्री का कोई दबाव नहीं है। घटना के बाद ठेकेदार को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, कांग्रेस नेता और ठेकेदार आरिफ बाठिया नानघाट के रहने वाले हैं। उन्होंने 2023-24 में नवागढ़ में कृषि भवन का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य की कुल लागत 28.40 लाख रुपए है। जिसमें से अंतिम भुगतान 14 लाख रुपए अभी तक नहीं किया गया है।
फाइनल बिल भी पेश किया जा चुका है। लेकिन भुगतान अटका हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि मंत्री दयालदास बघेल के दबाव का हवाला देकर नवागढ़ में पदस्थ कृषि विस्तार अधिकारी राकेश चतुर्वेदी फाइनल पेमेंट रोक रहे हैं।
कर्ज लेकर कराया गया निर्माण, बढ़ी परेशानी
आरिफ ने बताया कि सरकारी भवन का निर्माण बाजार से कर्ज लेकर और क्रेडिट पर सामग्री खरीदकर किया गया है। अब सामग्री सप्लायर लगातार भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं। जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुका है।
ठेकेदार ने नहीं दिया कोई आवेदन- कृषि विस्तार अधिकारी
कृषि विस्तार अधिकारी ने कहा कि आज तक ठेकेदार की ओर से भवन हैंडओवर से संबंधित किसी भी प्रकार का कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है। कार्य एजेंसी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) है और मंत्री का इस संबंध में कोई दबाव नहीं है। विभाग को नई बिल्डिंग की तत्काल आवश्यकता है। ठेकेदार को चाहिए कि वह भवन हैंडओवर के लिए संबंधित उच्च अधिकारियों के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत करे।
संतुष्टि प्रमाण पत्र के बिना नहीं होगा फाइनल भुगतान
इस मामले में नवागढ़ लोक निर्माण विभाग (PWD) के एसडीओ आरके शर्मा ने बताया कि जब तक कृषि विभाग के अधिकारी ठेकेदार से भवन निर्माण के संबंध में हैंडओवर नहीं लेंगे और संतुष्टि प्रमाण पत्र जारी नहीं करेंगे तब तक फाइनल पेमेंट लोक निर्माण विभाग से हो पाना संभव नहीं है।