राजधानी रायपुर में एक बार फिर मेडिकल वेस्ट के लापरवाह निपटान का मामला सामने आया है। हेलीपैड के पास खाली पड़ी जमीन पर सैकड़ों की संख्या में PPE किट फेंका गया है गया है। स्थानीय लोगों ने मौके पर बड़ी मात्रा में पीपीई किट बिखरी देखी, जिसके बाद यह मामला सामने आया।
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, ये PPE किट कोरोना महामारी के दौरान खरीदी गई हो सकती हैं। कई किट पुराने, पैकिंग समेत और कुछ खुले हुए हालात में पाए गए हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह सामग्री वहां पड़ी थी, लेकिन हाल के दिनों में इसकी संख्या और बढ़ गई है।
मेडिकल वेस्ट के साथ जलाने की भी चर्चा
स्थानीय लोगों का दावा है कि इनमें से कई PPE किट को मेडिकल वेस्ट के साथ जलाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। अगर यह सही है, तो यह न सिर्फ पर्यावरण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा हो सकता है। नियमों के मुताबिक, मेडिकल वेस्ट को खुले में जलाना प्रतिबंधित है।
प्रशासन की निगरानी पर सवाल
राजधानी के संवेदनशील इलाके में इस तरह से PPE किट का फेंका जाना प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करता है। हेलीपैड जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन के पास बड़ी मात्रा में मेडिकल सामग्री का खुले में पड़े रहना गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि PPE किट किस विभाग या संस्था की हैं और इन्हें किसने यहां फेंका। यह भी जांच का विषय है कि क्या यह सरकारी खरीद का हिस्सा थीं या किसी निजी एजेंसी द्वारा यहां लाकर डंप की गईं।
स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक, PPE किट प्लास्टिक और सिंथेटिक सामग्री से बनी होती हैं, जिन्हें खुले में छोड़ना या जलाना पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। साथ ही, अगर ये किट पहले इस्तेमाल की गई हों, तो संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इसकी जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि कोरोना काल की सामग्री को इस तरह खुले में फेंकना या जलाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है।
अब देखना यह होगा कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और यह साफ हो पाता है या नहीं कि सैकड़ों PPE किट आखिरकार यहां कैसे और क्यों पहुंचीं।