छत्तीसगढ़ के कवर्धा में कांग्रेस का आरोप है कि 2 धान खरीदी केंद्र में खरीफ विपणन साल 2024-25 के दौरान करीब 7 करोड़ रुपए की गड़बड़ी पाई गई है। अधिकारियों का दावा है कि 26 हजार क्विंटल धान चूहे, दीमक, कीड़े और मौसम की मार से नष्ट हुआ है।
जांच के दौरान दोनों धान खरीदी केंद्रों में फर्जी एंट्री, फर्जी बिल, मजदूरों की फर्जी हाजिरी और सीसीटीवी से छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं। शिकायत सही पाए जाने के बाद बाजार चारभांठा धान खरीदी केंद्र के प्रभारी प्रीतेश पांडे को हटा दिया गया है।
इस मामले में कांग्रेस ने कलेक्टर और जिला विपणन अधिकारी से शिकायत की है। बुधवार को मामले कांग्रेस ने DMO कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने विपणन संघ अधिकारी को चूहा पकड़ने का पिंजरा सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, कवर्धा में कुल 108 धान खरीदी केंद्र हैं। इनमें से कवर्धा ब्लॉक के बाजार चारभांठा और पंडरिया ब्लॉक के बघर्रा धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी सामने आई है। दोनों केंद्रों से करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 7 करोड़ रुपए आंकी गई है।
इस मामले में जिला विपणन अधिकारी (DMO) अभिषेक मिश्रा ने बताया कि जो धान खराब हुआ है या उपलब्ध नहीं है। वह चूहे, दीमक, कीड़े और मौसम की खराबी के कारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि बघर्रा धान खरीदी केंद्र में जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस पदाधिकारियों ने DMO को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द जांच पूरी करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने इस बड़े घोटाले में शासन-प्रशासन के अधिकारियों और भाजपा के संरक्षण का भी आरोप लगाया है।
भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप
मामले में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि भाजपा किसान विरोधी है। सात करोड़ धान गायब होना अपने आप से शंका पैदा करता है कि कहीं न कहीं घोटाला हुआ है। साथ ही जांच कार्रवाई को दबाने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में संबंधित अधिकारी से वसूली होनी चाहिए।
हास्यापद बताकर SIT जांच की मांग
कांग्रेस किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी ने कहा कि यह पूरा मामला हास्यापद है। चूहों ने धान नहीं खाया है। दोषी अधिकारियों को बचाने की साजिश की जा रही है। ज्ञापन के जरिए SIT जांच की मांग की गई है। तत्कालीन प्रभारियों पर केस दर्ज कर राशि वसूली की जाए। मांग पूरी नहीं होने पर आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।