बंगाल की खाड़ी में बने डीप प्रेशर एरिया के कारण छत्तीसगढ़ में आज बादल छाए रह सकते

Chhattisgarh Crimesबंगाल की खाड़ी में बने डीप प्रेशर एरिया के कारण छत्तीसगढ़ में आज बादल छाए रह सकते हैं। दक्षिण और मध्य हिस्सों (बस्तर, धमतरी, महासमुंद, रायपुर–बिलासपुर संभाग) में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है।

पिछली रात से ठंड में वृद्धि हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1–2 डिग्री तक और गिरावट हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिन तक कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अगले 24 घंटों में शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए शीतलहर के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलें, जरूरी होने पर ही यात्रा करें और पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।

पिछले 24 घंटों में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.2°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। पिछले दस वर्षों में नवंबर में इतना कम न्यूनतम तापमान पहली बार दर्ज किया गया है।

नवंबर महीने का ठंड का रिकॉर्ड

नवंबर महीना छत्तीसगढ़ में आमतौर पर ठंड की शुरुआत का समय होता है, लेकिन मौसम विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि कभी यह महीना कड़कड़ाती ठंड लेकर आया तो कभी तेज गर्मी और बारिश का गवाह भी रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र के पुराने आंकड़ों के अनुसार 2 नवंबर 1935 को अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.6°C दर्ज किया गया था। वहीं, 22 नवंबर 1883 को सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3°C दर्ज हुआ था जो अब तक नवंबर महीने की सबसे ठंडी रात मानी जाती है।

बारिश के रिकॉर्ड भी बने

नवंबर में सबसे ज्यादा बारिश 1924 में हुई थी, जब पूरे महीने में 138.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इतना ही नहीं, 2 नवंबर 1930 को 24 घंटे के भीतर 70.4 मिमी बारिश हुई थी जो इस महीने के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा एकदिवसीय वर्षा रिकॉर्ड है।

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