
23 नवंबर को मोंगराडीह में बैठक फिर दस पन्द्रह लोगों की टीम 24 को कलेक्टर के नाम एसडीएम मैनपुर को दिया गया था ज्ञापन
प्रशासन के जिम्मेदारों ने हर बार की तरह इस बार भी आंँदोलनकारी मुखियाओ से बातचीत कर समझा लेने का
अति आत्मविश्वास ही महा आंदोलन का रूप लिया
राजापड़ाव क्षेत्रवासी इंतजार करते रहे शासन प्रशासन के जिम्मेदार लोग आकर मुखियाओं से बातचीत करें ठोस पहल निकाले ताकि गांँवो में बिजली लग सके लेकिन ऐसा कर पाने में प्रशासन रहा विफल
सिर्फ 2 दिन का समय शेष पूरे गांव में पक्की सड़क जाम आंदोलन की हो गई थी तैयारी, बैनर, पोस्टर,राशन पानी से लेकर परिवहन व्यवस्था, सुरक्षा एवं नैतिक जिम्मेदारी पर हो गई थी ठोस निर्णय तब आए मनाने अधिकारी कर्मचारी।
क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों ने मुखियाओं के सलाह पर चलने का लिया निर्णय अब की बार कोरा आश्वासन नहीं लिखित में हो ठोस पहल तब पक्की सड़क से उठेंगे अन्यथा वही रहना होगी
आंँदोलन के एक दिन पूर्व रविवार को 35 से 40 किलोमीटर दूरी तय कर सैकडो़ ग्रामीण अपने-अपने व्यवस्था से आकर महज पक्की सड़क से 500 सौ मीटर दूर जंगल में खाने पीने का व्यवस्था बनाकर कड़कड़ाती ठंड में वहीं रुक सबेरे 6:00 बजे हुआ बैठक फिर हुआ निर्णय, इंतजार, शोषित पीड़ित वंचित समुदाय वर्षों से भुक्त भोगी फिर चले बिजली के मांग को लेकर करार मुताबिक देवभोग रायपुर पक्की सड़क मार्ग एन एच सी 130
राजापडा़व के समीप करने सड़क जाम
सुबह 8.45 मिनट, हजारों की संख्या,क्षेत्रवासी बैनर तक्ती लेकर बैठे। दोनों ओर लंबी कतारे गाड़ी मोटर आवाजाही बिल्कुल बंद अति आवश्यक परिवहन को थी छूट जिन्हें युवा टीम करने लगे थे मदद
बुनियादी मांग को सहयोग करने दूसरे लोग भी अपने परिवहन गाड़ी छोड़ आकर आंदोलन को करते थे समर्थन, मांँग पूरा होने का दिलाते थे दिलासा।
नियमित यात्रा करने वाले यात्री और माल वाहक घंटों जाम में फंसे रहे आवागमन पूरी तरह से हो गया था ठप्प
तगड़ी पुलिस की व्यवस्था जवान मुस्तैदी से डटे रहे।
एसडीओपी मैनपुर ओमप्रकाश खूजूर मौके पर मौजूद रह कर ले रहे थे पल पल की खबर
नहीं हुई कोई अनहोनी घटना शांत प्रिय रहकर हजारों की भीड़ पक्की सड़क मार्ग में किया प्रदर्शन
क्षेत्र के मुखियाओं ने कहा सड़क जाम करके लोगों को तकलीफ देना हमारा मकसद नहीं पर हम थे मजबूर और लाचार माँफ करना
अपर कलेक्टर एवं बिजली विभाग के लिखित आश्वासन और राजापड़ाव क्षेत्र वासियों द्वारा बिजली के मांँग ज्ञापन सौपे जाने पश्चात चौदह घंटे से लगी जाम एक घंटे में समाप्त
रात 10:20 मिनट, स्थान राजापड़ाव
लिखित आश्वासन मे लिखा है।आज दिनांँक
12/ 1/2026 दिन सोमवार को राजापडा़व क्षेत्र के समस्त क्षेत्रवासी बिजली के मांँग को लेकर आंदोलन में बैठे हुए हैं। क्षेत्र के छूटे हुए सभी आश्रित गांँव एवं पारा टोला में डीपीआर तैयार कर बजट सत्र 2026-27 में शामिल कर लिया जाएगा। तत्पश्चात स्वीकृति की संपूर्ण जिम्मेदारी एवं जवाब देही जिला प्रशासन लेकर आगामी 6 माह के भीतर राजापडा़व क्षेत्र के शेष छूटे हुए पारा टोला में विद्युतीकरण का कार्य प्रारंभ कर लिया जाएगा।
विद्युत विभाग के लिखित आश्वासन में लिखा है।
आज दिनांक 12/1/ 2026 दिन सोमवार को राजापडा़व क्षेत्र के समीप विद्युत विहीन गांँवो में विद्युतीकरण को लेकर क्षेत्रवासी आंदोलन कर रहे हैं। 5 ग्राम पंचायत के संपूर्ण गांँव एवं पारा टोला एवं 3 ग्राम पंचायत के छूटे हुए पारा टोला में शासन से वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल करने हेतु प्राकंलन तैयार कर भेजा जा रहा है। राशि स्वीकृत होने के बाद कार्य को तत्काल प्रारंभ किया जाएगा। विद्युत विभाग बिजली लगाने संबंधित संपूर्ण जवाब देही के साथ प्रतिबद्ध है।वर्तमान में 6 ग्राम पंचायत के 13 राजस्व ग्राम में विद्युतीकरण का प्राकंलन तैयार कर 30 जून 2025 को भेजा जा चुका है।साथ ही शेष छूटे हुए पारा टोला जिनका सर्वे शेष है। उनका भी ग्रामीणों के साथ समन्वय बनाकर सर्वे का कार्य विभाग के द्वारा पूरी जवाबदेही एवं जिम्मेदारी के साथ 15 दिवस के भीतर प्राक्कलन तैयार कर डीपीआर 2026-27 के बजट में इन्हें भी शामिल कर लिया जाएगा।
अंतिम में आंदोलनकारियो ने कहा तय करार मुताबिक काम नहीं होने पर आंँदोलन को तेज किया जाएगा।
इस आंदोलन के मार्गदर्शक क्षेत्र के 50 प्रतिनिधिमंडल जिसमें अंबेडकरवादी युवा संगठन, सामाजिक मुखिया, सर्व जन प्रतिनिधि एवं हजारों की संख्या में
राजापड़ाव क्षेत्र वासी शामिल होकर अपने मांँगों को शासन प्रशासन तक पहुंँचाते हुए अहं भूमिका निभाया है। उसी का परिणाम स्वरूप शेष छूटे हुए गांँव में बिजली विभाग के द्वारा सर्वे कार्य का शुरुआत कर दिया गया है।