जांजगीर-चांपा के जैजैपुर कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को सेशन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार को जिला जेल खोखरा से रिहा कर दिया गया है। विधायक की रिहाई की सूचना मिलते ही जेल परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस दौरान ढोल-नगाड़ों के साथ गाजे-बाजे बजे और कार्यकर्ताओं ने जमकर पटाखे फोड़े। जेल से बाहर आने के बाद विधायक बालेश्वर साहू सीधे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचे, जहां उन्होंने माल्यार्पण कर संविधान के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
विधायक ने कहा कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में किसान राजकुमार शर्मा की ओर से उनके खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र रचा गया। बता दें कि कोर्ट ने किसान से धोखाधड़ी के मामले में उन्हें 22 जनवरी तक रिमांड पर जेल भेजा था।
जानिए विधायक ने क्या-क्या कहा ?
जेल से रिहा होने के बाद विधायक बालेश्वर साहू ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 10 सीलों से उन पर सहकारी बैंक से किसान की पर्ची और पासबुक रखकर लोन लेने के आरोप लगाए जा रहे थे। लेकिन अब तक हुई सभी जांचों में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत या फर्जीवाड़ा सामने नहीं आया है।
विधायक ने कहा कि जमानत दिया जाना “सत्यमेव जयते”, संविधान और सच्चाई के साथ खड़े युवाओं की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की कहानी मनगढ़ंत है और जिन लोगों ने फर्जी केस दर्ज कराकर अपनी रोजी-रोटी चलाई और संपत्तियां बनाई हैं, उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए।
बालेश्वर साहू ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुझे न्याय और संविधान पर पूरा भरोसा है। अब पूरा ध्यान जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास पर रहेगा। पूरी ताकत से अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम करुंगा।
अब जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 2015 से 2020 के बीच बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर पदस्थ थे। वहीं गौतम राठौर उस समय विक्रेता के पद पर काम कर रहा था। दोनों ने मिलकर किसान क्रेडिट कार्ड से लोन दिलाने का झांसा दिया। बहाने से 10 ब्लैंक चेक भी ले लिए।
इसके साथ ही साथ ही एचडीएफसी बैंक में 2 नए खाते भी खुलवाए। इन चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर, दोनों ने धीरे-धीरे मिलाकर 42 लाख 78 हजार रुपए किसान के खातों से निकाल लिए।शुरुआत में 15 जनवरी 2015 को पहली बार 51 हजार रुपए की निकासी की गई थी।
HDFC बैंक से मिली धोखाधड़ी की जानकारी
किसान राजकुमार शर्मा ने बताया कि इसके बाद रकम धीरे-धीरे बढ़ती गई। बालेश्वर साहू ने अपनी पत्नी आशा साहू के खाते में भी 7.5 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। किसान को इस मामले की जानकारी तब हुई, जब 2020 में HDFC बैंक चांपा से उसे कॉल आया।
इस दौरान पूछा गया कि क्या उसने बालेश्वर साहू को पैसे निकालने की अनुमति दी है। यह सुनकर किसान के होश उड़ गए। वो तुरंत बैंक जाकर डिटेल निकाला। इसके बाद बालेश्वर साहू के पास पहुंचा। उस समय बालेश्वर साहू ने 6 महीने के भीतर ब्याज समेत पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ।