छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले की भरतपुर-सोनहत विधानसभा के पूर्व कांग्रेसी विधायक गुलाब कमरो ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर SIR (Special Integrated Revision) प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की है।
पूर्व विधायक का आरोप है कि उनका SIR फॉर्म ऑनलाइन नहीं हो रहा है, और जांच करने पर पता चला कि उनका नाम रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में दर्ज हो गया है।
विधायक कमरो ने बताया कि उन्होंने अपना SIR फॉर्म शुरुआत में ही अपने गांव के BLO (बूथ लेवल अधिकारी) के पास जमा कर दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में उनका नाम रायगढ़ जिले में कैसे दर्ज हो गया और रायगढ़ के BLO को उनके तथा उनके माता-पिता के EPIC नंबर कैसे मिले।
नेता प्रतिपक्ष ने भी उठाया था मुद्दा
इस मुद्दे पर इंडियन नेशनल कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के जगदलपुर प्रवास के दौरान, प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने एक प्रेसवार्ता में इस मामले को उठाया।
उन्होंने इंडियन नेशनल कांग्रेस के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब एक पूर्व विधायक का नाम ही उनके अपने क्षेत्र की मतदाता सूची से काटा जा रहा है, तो आम नागरिक की मतदाता सूची में नाम की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
महंत बोले- 3 बार के विधायक को फॉर्म भरने में कठिनाई
चरणदास महंत ने आगे कहा कि यह केवल एक तकनीकी गलती नहीं लगती, बल्कि मतदाता सूची की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर लोगों के नाम काटे जा रहे हैं और उन्हें बार-बार निर्वाचन कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने जोर दिया कि जब तीन बार विधायक का चुनाव लड़ चुके जनप्रतिनिधि को ही अपना नाम दर्ज कराने में कठिनाई हो रही है, तो आम मतदाता की स्थिति समझी जा सकती है।