कोरबा में गैंगरेप मामले को लेकर जिला युवा कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया

Chhattisgarh Crimesकोरबा में गैंगरेप मामले को लेकर जिला युवा कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और पुतला दहन किया। युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरती। जिसके बाद पीड़िता को एसपी कार्यालय जाना पड़ा।

युवा कांग्रेस नेता पंकज ने बताया कि जिले में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले चार महीनों में हत्या और रेप जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं। युवा कांग्रेस का कहना है कि उनका यह विरोध प्रदर्शन इसलिए है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

हालांकि, इस मामले में बांकीमोंगरा थाना पुलिस ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने निर्देश दिए FIR दर्ज कर बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त को अरेस्ट किया है। जबकि 3 अभी भी फरार हैं। जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

जानिए क्या क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, 18 वर्षीय पीड़िता ने 9 जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, वह एक बर्तन की दुकान में काम करती है। इसी दौरान उसकी पहचान तरुण श्रीवास (21) से हुई। वह अक्सर दुकान पर आया-जाया करता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी। यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।

युवती ने बताया कि तरुण श्रीवास पर भरोसा करती थी। 8-9 जनवरी 2025 की दरमियानी रात तरुण ने कॉल कर मिलने बुलाया। अपनी गाड़ी में बैठाकर युवती को गजरा कॉलोनी ले गया। वहां उसने पहले शराब पी। इसके बाद युवती की मर्जी के खिलाफ रेप किया। युवती ने विरोध किया, लेकिन आरोपी ने उसकी एक न सुनी।

डायल 112 के ड्राइवर ने भी किया रेप

युवती ने बताया कि दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। कुछ ही देर में तरुण के चार दोस्त भी वहां पहुंच गए। इनमें एक डायल 112 का ड्राइवर भुवन साहू, गणपत दास और दो अन्य युवक शामिल थे। इन्होंने अपने चेहरे ढक रखे थे। इन सभी ने बारी-बारी से युवती से गैंग रेप किया।

पीड़िता ने बताया कि वारदात के बाद आरोपियों ने जमकर डराया-धमकाया। आरोपियों ने कहा कि वारदात की जानकारी किसी को दी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद युवती हिम्मत जुटाकर वहां से निकली। पुलिस के पास पहुंची।

SP ने दिए जांच के निर्देश, फिर दर्ज हुई FIR

पीड़िता ने सबसे पहले कोरबा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया। आगे की जांच के लिए केस बांकीमोंगरा थाने को सौंपा गया।

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