
14 दिनों में 47 डॉग बाइट
आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी माह के केवल 14 दिनों में ही जिले में अब तक कुल 47 डॉग बाइट के मामले सामने आ चुके हैं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरके श्रीमाली ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि डॉग बाइट की स्थिति में सबसे पहले काटे गए स्थान को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर इलाज कराना बेहद जरूरी है। लगातार बढ़ते मामलों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई की मांग
डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति स्थिर है। घटना के बाद गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर गांवों में मुनादी कराकर लोगों से आवारा कुत्तों से दूर रहने और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की अपील की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने और स्थायी समाधान की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़ी घटना हो सकती है।
अधिकारियों का क्या कहना
जेएल उईके, सीएमएचओ, बालोद का कहना है कि “16 केस डॉग बाइट के सामने आए हैं। गुरुर के ज्यादा केस धमतरी चले जाते हैं। हीमोग्लोबिन सीएचसी में नहीं रहता है। गुरुर के केस जिला अस्पताल धमतरी चले गए, वहां लाइनअप कर दिया गया था। वहां उनका इलाज जारी है। हीमोग्लोबिन सिर्फ जिला अस्पताल में है, सीएचसी में नहीं है।”