छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बेलतरा में सरपंच पति रामरतन कौशिक और पूर्व प्राचार्य कावेरी यादव ने मिलकर सरकारी स्कूल से खिड़की, दरवाजे, चैनल गेट और टाइल्स उखड़वा दिए। इसके चलते नवनिर्मित स्कूल भवन उद्घाटन से पहले ही खंडहर में तब्दील हो गया।
शिकायत की जांच शिक्षा विभाग ने गंभीर अनियमितता का खुलासा किया है। साथ ही जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला बेलतरा शासकीय हाई स्कूल का है।
पूर्व प्राचार्य ने दर्ज नहीं कराई चोरी की FIR, सस्पेंड
इससे पहले जब नवनिर्मित स्कूल से टाइल्स, खिड़की और लोहे के गेट गायब होने की जानकारी सामने आई, तब भी पूर्व प्राचार्य ने चोरी की FIR दर्ज नहीं कराई।
इस लापरवाही के चलते लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने करीब पांच माह पहले प्रभारी प्राचार्य कावेरी यादव को सस्पेंड कर दिया। वहीं, DEO को जांच रिपोर्ट के आधार पर चोरी की शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
अफसरों को बताए बगैर प्रिंसिपल ने दी सहमति
जांच में सामने आया कि स्कूल के प्राचार्य ने खिड़कियां और दरवाजे निकालने के लिए सरपंच पति को सहमति दे दी। उन्होंने इसके लिए विभाग के अफसरों से भी अनुमति नहीं ली और न ही उन्हें इसकी जानकारी दी। जब ग्रामीणों ने स्कूल भवन को खंडहर देखा तब उन्होंने घटना की जानकारी अफसरों को दी।
डीईओ की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया एफआईआर
शासकीय हाईस्कूल बेलतरा के नवनिर्मित भवन का सामान उखाड़कर ले जाने के संबंध में 28 जुलाई 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी ने रतनपुर थाने में शिकायत दी थी। तब से इस मामले की जांच चल रही थी।
जांच में बेलतरा के पूर्व सरपंच पति रामरतन कौशिक व तत्कालीन हाईस्कूल प्राचार्य कावेरी यादव ने बिना किसी आदेश व सूचना के भवन में लगे दरवाजा, खिड़की, ग्रिल, रोशनदान, चैनल गेट, फर्श पत्थर कीमती सहित 2 लाख 87 हजार रुपए का सामान उखाड़कर निकाल लिया था।
इससे भवन को नुकसान हुआ है। निकाली गई संपत्तियों का दूसरे जगह उपयोग किया गया। पुलिस ने आरोपी रामरतन कौशिक, कावेरी यादव के खिलाफ धारा 427, 34 भादवि 3 लोक संपत्ति नुकसान अधिनियम 1984 के तहत केस दर्ज किया है।