छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अपराधों में ऑनलाइन मंगाए जा रहे चाकुओं के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अपराधों में ऑनलाइन मंगाए जा रहे चाकुओं के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को पुलिस टीम ने एक साथ ऑनलाइन डिलीवरी करने वाली कंपनियों के गोदामों और लॉजिस्टिक सेंटरों पर छापेमारी की।

इस दौरान अमेजन, फ्लिपकार्ट, ब्लू डार्ट, मीशो और ब्लिंकिट जैसे नामी ब्रांड्स के गोदामों से बड़ी संख्या में प्रतिबंधित बटनदार और धारदार चाकू बरामद किए गए। जिन्हें जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

दरअसल, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए शहर में धारदार हथियारों की चुपचाप सप्लाई की जा रही थी। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस अधिकारियों ने टीम गठित कर तारबाहर, सिविल लाइन, सरकंडा और चकरभाठा थाना क्षेत्रों में स्थित कई वेयरहाउस-गोदामों पर एक साथ कार्रवाई की।

पैकेट में हथियार, लेकिन कोई रिकॉर्ड नहीं

पुलिस जांच में सामने आया कि कई गोदामों में ऐसे पैकेट रखे थे, जिनमें चाकू जैसे धारदार हथियार मौजूद थे। लेकिन पैकेट पर इसकी कोई डिक्लेरेशन दर्ज नहीं थी। इसका मतलब यह है कि ये हथियार बिना किसी निगरानी के सीधे लोगों तक पहुंच रहे थे, जो कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन सकता था।

न भेजने वाले का पता, न ही मंगाने वाले की जानकारी

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि ये हथियार किसने मंगाए, कहां से भेजे गए और क्या इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में किया जाना था। जब्त किए गए कई चाकुओं के ऑर्डर में न तो भेजने वाले का पता था और न ही मंगाने वाले की स्पष्ट जानकारी।

वेयरहाउस प्रबंधक तलब, सख्त चेतावनी

SSP रजनेश सिंह ने सभी संबंधित कंपनियों के वेयरहाउस प्रबंधकों को तलब कर स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऑनलाइन माध्यम से चाकू और अन्य प्रतिबंधित धारदार हथियारों की बिक्री और डिलीवरी पूरी तरह प्रतिबंधित है।

भविष्य में अगर ऐसा पाया गया, तो संबंधित कंपनी और प्रबंधक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी पैकेट में धारदार औजार हों, तो उसका स्पष्ट उल्लेख पैकेज पर किया जाए। ताकि उसकी निगरानी और जांच की जा सके।

पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई

यह जिले में पहली बार हुआ है, जब पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के वेयरहाउसों पर सीधे छापेमारी कर हथियार जब्त किए हैं। इससे साफ हो गया है कि अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी पुलिस की सख्त निगरानी में हैं।

ऑनलाइन साइट से मांगे तीन महीने का हिसाब

निरीक्षण के दौरान ब्लू डार्ट, ई-कार्ट, फ्लिपकार्ट, अमेजन, मीशो और ब्लिंकिट के सेंटरों की गहन जांच की गई। पुलिस ने इन कंपनियों से उन ग्राहकों की सूची मांगी है, जिन्होंने पिछले तीन महीनों में चाकू या अन्य धारदार हथियार ऑर्डर किए हैं।

सब्जी काटने के नाम पर आ रहे धारदार हथियार

ऑनलाइन शॉपिंग एप अपराधियों के लिए हथियार मंगाने का आसान जरिया बनते जा रहे हैं। कंपनियां इन्हें मल्टीपर्पज टूल, कैंपिंग गियर या किचन नाइफ के नाम से लिस्ट करती हैं।

जबकि असल में ये स्प्रिंग वाले बटनदार और फोल्डिंग चाकू होते हैं। दुकानों से चाकू खरीदते समय पहचान पूछी जा सकती है, लेकिन ऑनलाइन फर्जी आईडी से ऑर्डर देना आसान हो जाता है।

दो साल में अधिकांश वारदातों में इस्तेमाल

पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले दो सालों में शहर में हुई कई चाकूबाजी की घटनाओं में नाबालिग लड़कों ने इंस्टाग्राम विज्ञापनों और मीशो-फ्लिपकार्ट जैसे एप से ये हथियार मंगाए थे। वेयरहाउसों में रोज हजारों पार्सल आने के कारण एक्स-रे या स्कैनिंग न होने से ये खतरनाक सामान सामान्य पार्सल की तरह डिलीवर हो जाते थे।

एएसपी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए धारदार हथियारों की सप्लाई कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। इसी वजह से वेयरहाउस स्तर पर जांच की गई।

कुछ स्थानों से चाकू बरामद हुए हैं। सभी कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंधित वस्तुओं की बिक्री और डिलीवरी नहीं की जाए। जांच जारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।