छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क मिला

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क मिला है। ग्राम धर्मापुर में एक डेविड चाको नामक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा था, जहां नाबालिग बच्चों को रखकर कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही थी।

जिले के सुदूर अंचल गांवों में जहां बिजली की व्यवस्था नहीं होती थी वहां ग्रामीणों को डिजिटल प्रोजेक्टर लगाकर प्रभावित किया जा रहा था। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है।

मामला लालबाग थाना क्षेत्र के सुकुलदेहन चौकी का है। आरोपी के पास से कुछ विदेशी उपकरण बरामद किए गए है, जिनकी कीमत हजारों डॉलर में है। पुलिस को शक है कि इनकी फंडिंग विदेशों से होती थी। राज्य के कई जिलों में इस नेटवर्क के तार जुड़े होने की बात सामने आई है।

अब जानिए पूरा मामला

मामले की शुरुआत 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से मिली एक लिखित शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है, जहां नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है और कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

SP अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है।

जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले साक्ष्य मिले हैं। आरोपी के पास से सोलर-आधारित हाई-टेक प्रोजेक्टर जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है।

डिजिटल प्रोजेक्टर लगाकर करते थे प्रभावित

पुलिस के अनुसार, इन प्रोजेक्टरों का उपयोग विशेष रूप से उन सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाता था जहां बिजली की सुविधा नहीं है। इनके माध्यम से डिजिटल प्रेजेंटेशन दिखाकर लोगों को प्रभावित करने का काम किया जा रहा था।

पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड, प्रीमियम मोबाइल फोन, धर्मांतरण से संबंधित डिजिटल दस्तावेज, प्रेजेंटेशन सामग्री, महत्वपूर्ण रजिस्टर और वित्तीय अभिलेख शामिल हैं।

अन्य जिलों में भी फैला नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चला है कि इस नेटवर्क की जड़ें छत्तीसगढ़ के कई अन्य जिलों में भी फैली हुई हैं और सैकड़ों लोग पुलिस के रडार पर हैं।

कई संदिग्ध को नोटिस जारी

​जांच में सैकड़ों व्यक्तियों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। संदिग्ध भूमिका वाले कई व्यक्तियों को पुलिस ने विधिक नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। पुलिस इन सभी के आपसी संबंधों और इस पूरे सिंडिकेट के काम करने के तरीके की कड़ियां जोड़ रही है।

​फंडिंग और वित्तीय स्रोतों की जांच​ होगी

पुलिस का मुख्य फोकस अब इस नेटवर्क के ‘फंडिंग सोर्स’ पर है। इतने महंगे उपकरणों और बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे आश्रम के लिए धन कहां से आ रहा था, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इस धन का स्रोत विदेशी है या किसी अन्य अवैध गतिविधि से जुड़ा है।​

​राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरी विवेचना निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहकर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।​विवेचना जारी है। अन्य बड़े खुलासों की संभावना है।

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