छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में 1.46 करोड़ का अवैध धान पकड़ाया है। गुरुवार रात रानीतालाव-पाटेकोहरा के बीच पुलिस ने नाकेबंदी कर चेकिंग की। इस दौरान महाराष्ट्र से आ रहे 6 बड़े ट्रकों को रोका गया। इसके साथ ही अलग-अलग चेकपोस्ट पर धान लोड 4 गाड़ी पकड़ाई।
जांच करने पर सभी गाड़ियों में धान मिले, जिसका कोई दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी गाड़ियों को जब्त किया और 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है
1 करोड़ 46 लाख 90 हजार का धान पकड़ाया
कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर अंतर्राज्यीय सीमाओं 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इसी निर्देश के बाद चेकपोस्ट और नाकों पर पुलिस की तैनाती थी।
15 जनवरी की रात पाटेकोहरा बैरियर और एनएच 53 (रानीतालाव-पाटेकोहरा के बीच) पर चेकिंग के दौरान महाराष्ट्र की ओर से आ रहे 6 बड़े ट्रकों को रोका गया।
जांच करने पर इन ट्रकों में अवैध रूप से लाया जा रहा धान मिला। संबंधित ड्राइवरों के पास धान के कोई दस्तावेज नहीं मिले।
इसके अलावा कई अन्य चेकपोस्ट पर 4 छोटे पिकअप वाहनों को भी अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। कुल 2170 कट्टा (लगभग 845 क्विंटल) धान और 10 वाहन (6 ट्रक और 4 पिकअप) जब्त किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 46 लाख 90 हजार 800 रुपए है।
महाराष्ट्र और डोंगरगढ़ के आरोपी पकड़ाए
इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह एक संगठित गिरोह है जो बार-बार अवैध धान खपाने का प्रयास करता है। पुलिस ने एक बिचौलिए को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य आरोपियों में ओम गुप्ता, नितिन अग्रवाल, पंकज अग्रवाल (सभी आमगांव, महाराष्ट्र से) और विष्णु अग्रवाल (डोंगरगढ़ से) शामिल हैं।
कड़ी कानूनी की चेतावनी
राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा कि धान खरीदी के अंतिम दिनों में बिचौलियों की सक्रियता बढ़ जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन पूरी तरह सजग है और किसी भी सूरत में अवैध धान को खपाने नहीं दिया जाएगा। अवैध परिवहन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।