छत्तीसगढ़ और तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर  22 नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ और तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर  22 नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आई। दोपहर को सीएम विष्णुदेव साय ने नक्सलियों के शव बरामद होने की बात कही। इसके बाद से यह मामला चर्चा में आ गया। लेकिन शाम को प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस खबर का खंडन कर दिया।

गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि ‘संकल्प’ नाम का कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है और जो आंकड़ा दिया गया है, वो गलत है।

इस बीच तेलंगाना के मुलुगु जिले में ग्रेहाउंड्स और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। बताया जा रहा है कि हैवी फायरिंग और IED ब्लास्ट की चपेट में आने से ग्रेहाउंड्स के 3 जवान शहीद हो गए हैं। फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं है। बता दें कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर 16 दिनों से नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चल रहा है।

15 दिनों तक पैदल चलकर ऊंचाई पर पहुंची फोर्स

कर्रेगुट्टा पहाड़ करीब 5 हजार फीट ऊंचा हैं, 44 डिग्री तापमान, और लो ऑक्सीजन लेवल जैसी स्थिति है। हाथों में हथियार, मैग्जीन पाउच, 5 से 6 लीटर पानी की बोतल, राशन सामान के साथ लगभग 30 से 35 किलो का सामान लादकर जवान 15 दिनों की पैदल चढ़ाई कर ऊंचाई पर पहुंचे।

कर्रेगट्टा, कोत्तापल्ली, पुजारी कांकेर, धर्मावरम, नम्बी के ऊपरी हिस्से को नक्सलियों का अभेद किला कहा जाता है। यहां छत्तीसगढ़ और तेलंगाना स्टेट कमेटी के सैकड़ों नक्सलियों का डेरा है। यहीं से नक्सल संगठन ऑपरेट होता है। यहां तक फोर्स पहुंच गई है। लेकिन इलाका बेहद बड़ा है।

अब तक 4 महिला नक्सलियों के शव बरामद

2 दिन पहले ही कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर मुठभेड़ में जवानों ने एक महिला नक्सली को मार गिराया था। मौके से शव और हथियार बरामद किया गया। 22 अप्रैल से शुरू हुए नक्सल ऑपरेशन में फोर्स ने अब तक कुल 4 महिला नक्सलियों को ढेर किया है। चारों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

IED ब्लास्ट से सहायक कमांडेंट घायल

एनकाउंटर के बीच सोमवार को यहां CRPF के सहायक कमांडेंट सागर बोराडे IED ब्लास्ट की चपेट में आ गए। धमाका इतना जोरदार था कि उन्हें अपना पैर गंवाना पड़ा। घायल कमांडेंट को दिल्ली रेफर किया गया है। यहां एम्स में उनका इलाज जारी है। मंत्री रामविचार नेताम ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी थी।