दंतेवाड़ा जिले में पहलीबार डॉग शो का आयोजन हुआ

छ्त्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पहलीबार डॉग शो का आयोजन हुआChhattisgarh Crimes। जिसमें अलग-अलग कुल 15 ब्रीड के 58 डॉग्स ने हिस्सा लिया। दंतेवाड़ा के क्रिकेट ग्राउंड में करतब दिखाया। हर एक ब्रीड के बेस्ट 3 डॉग्स को फर्स्ट, सेकंड और थर्ड प्राइज दिया गया। अन्य को मेडल और प्रमाण पत्र दिया गया। जिला पंचायत CEO जयंत नाहटा (IAS) के डॉग ‘बॉर्डर कॉली’ को अपने ब्रीड में फर्स्ट प्राइज और मेडल मिला।दरअसल, छ्त्तीसगढ़ डॉग लवर एसोसिएशन ने दंतेवाड़ा वेटनरी डिपार्टमेंट के साथ मिलकर यह आयोजन करवाया था। इस डॉग शो में डॉक्टर सुशोवन रॉय और डॉक्टर हमेश रात्रे जज थे। डॉग के रख-रखाव, वॉक-रनिंग, उसके बिहेवियर और ट्रेनिंग के बेस पर उन्हें जज किया गया। वहीं दंतेवाड़ा पशु चिकित्सा विभाग ने डॉग्स का निःशुल्क टीकाकरण किया और मालिकों को डॉग्स के स्वास्थ्य संबंधित जानकारी दी।ये ब्रीड के थे डॉग्स

 

इस डॉग शो में बॉर्डर कॉली, लैब्राडोर, गोल्डन रिट्रीवर, बेल्जियम शेफर्ड, जर्मन शेफर्ड, शिहतजू, रॉट विलर, शीबा इनु, बिगल, चाव-चाव जैसे कुल 15 नस्ल के डॉग्स शामिल हुए। इनमें ब्रिटिश नस्ल के बॉर्डर कॉली सबसे महंगा ब्रीड है। इंडिया में इसकी कीमत करीब 80 हजार से 1 लाख रुपए के बीच है। डॉग लवर एसोसिएशन के मुताबिक ये छ्त्तीसगढ़ में इकलौता ब्रीड है जो IAS जयंत नाहटा के पास है।डॉग लवर्स बोले- होते रहना चाहिए आयोजन

 

दंतेवाड़ा में हुए इस आयोजन को लेकर डॉग ओनर सतीश ने कहा कि अक्सर बड़े शहरों में डॉग शो होते हैं। वहां अपने डॉग्स को लेजाना संभव नहीं होता। पहलीबार यह आयोजन दंतेवाड़ा में हुआ। इस आयोजन में अपने डॉग को लेकर शामिल हुए। समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।वेटनरी सर्जन बोले- सफल रहा कार्यक्रम

 

आयोजन के संयोजक और वेटनरी सर्जन डॉक्टर रजत रत्नाके ने कहा कि इस डॉग शो का मुख्य उद्देश्य डॉग ऑनर को अपने पेट के प्रति प्रेम और स्नेह का आदान-प्रदान करवाना है। डॉग शो में लाए गए डॉग्स की नस्ल को देखकर उनके ऑनर्स को उसके बारे में ठीक तरह से जानकारी दी जाती है।

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