
राधे कृष्ण दुबे/महासमुंद
महासमुंद। जिले से होकर गुजरने वाली राजिम पोखरा मार्ग में हाथखोज और चिंगरौद से निकलने वाले रेत खदान के हाइवा और डंपर कलेक्टर महासमुंद के आदेश को दरकिनार करते हुए भारी लोड लेकर महासमुंद के चिंगरौद रोड बम्हनी होते हुए रायपुर मार्ग पड़कर महासमुंद की सड़कों में ओवरलोड वाहन चलता है जिसका परिणाम यह है कि रेत खदानों की रॉयल्टी तो गरियाबंद जिले को प्राप्त हो रही है। लेकिन उसका संपूर्ण भर महासमुंद जिले को खेलना पड़ रहा है हालांकि पूर्व में भी कलेक्टर महासमुंद के आदेश पर दो बार हाईवे और जेसीबी की जब्ती की कार्यवाही हुई है फिर भी रेत माफियाओं का मनोबल इतना ऊंचा है की महासमुंद से होकर गुजरने वाली सड़क में बिना किसी डर और भय के लगातार ओवरलोड वाहन हाइवा चल रहे हैं।
बात अगर की जाए हथखोज पुल के इस पार महासमुंद जिले की तो उसे मार्ग में चलने पर नागिन सी बलखाती चाल में दो पहिया वाहन चलाना पड़ता है सड़क में इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं की सीधे चलना मुश्किल कार्य हो गया है वहीं पर अगर कोई व्यक्ति किसी हाइवा के पीछे फस जाए तो उस व्यक्ति का रंग रूप बदल जाता है ग्राम पंचायत चिंगरौद के सरपंच के द्वारा विरोध किए जाने के बावजूद उसे मार्ग से हाइवा वहां निरंतर आवाजाही कर रहा है। यहां तक की महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा जी ने यह ताकीद किया था की अवैध परिवहन एवं असुरक्षा के साथ वाहन चलाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा उसके बाद भी रेत माफियाओं का मनोबल बढ़ा हुआ है। बात अगर की जाए उपरोक्त मार्ग की तो उक्त मार्ग में हाई स्कूल हायर सेकेंडरी स्कूल मार्ग से जुड़े हुए हैं। उसके बाद भी सुरक्षा मापदंड को दरकिनार करते हुए रेत का परिवहन हो रहा है और नदी की कोई सीमा नहीं होती इसलिए इस पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए यहां पर यह देखना भी लाजमी है की दोनों जिले के कलेक्टरों में से कौन जागरुक है यह देखना समझना पड़ेगा क्योंकि एक जिले के जिलाधिकारी ने उक्त खदान बंद करने के लिए या अवैध परिवहन बंद करने के लिए आदेशित किया है जबकि दूसरे जिले के जिलाधिकारी के द्वारा उस पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है।