मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने रायपुर के डॉक्टरों के साथ अपनी जानकारी और अनुभव सांझा करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में हो रही क्रांति के बारे में जागरूकता बढ़ाई

रायपुर। मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल के प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट्स ने आज रायपुर के प्रतिष्ठित डॉक्टरों के साथ जानकारी और अनुभवों का आदान-प्रदान करते हुए थैलेसीमिया और हड्डियों के कैंसर के प्रबंधन में महत्वपूर्ण उपचार प्रोटोकॉल में हो रही प्रगति पर चर्चा की। इस बातचीत का नेतृत्व कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी के कंसल्टेंट डॉ. मानित गुंदवडा और पीडियाट्रिक्स, पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन के कंसल्टेंट, डॉ. शांतनु सेन ने किया। दोनों विशेषज्ञों ने थैलेसीमिया और हड्डियों के कैंसर के इलाज के लिए नवीनतम उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं की जानकारी दी, थैलेसीमिया के इलाज के रूप में बोन मैरो प्रत्यारोपण की क्षमता पर प्रकाश डाला।
कॉम्प्रिहेन्सिव सेंटर फॉर कैंसर जैसी सुविधाओं के साथ, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल मरीज़ों की देखभाल में जो कमियां हैं उन्हें दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यह हॉस्पिटल सभी प्रकार के कैंसर के मरीज़ों को व्यापक और समन्वित देखभाल प्रदान करने के लिए सभी विशेषज्ञताओं को एक साथ लाता है। मेडिकल उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल कई वर्षों से छत्तीसगढ़ में व्यापक कार्य कर रहा है। इसमें विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकी, समय पर और प्रभावी उपचार की प्रासंगिकता के साथ-साथ कैंसर रोगियों के लिए एक बहु-विषयक दृष्टिकोण कैसे बहुत महत्वपूर्ण है, इस पर ज़ोर देने के लिए सैकड़ों डॉक्टरों को एक साथ लाकर विभिन्न सीएमई का आयोजन भी शामिल है।
कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल ने थैलेसीमिया प्रभावित बच्चों के लिए कई HLA शिविर भी आयोजित किए हैं। प्रत्येक शिविर में 100 से अधिक मरीज़ शामिल हुए थे। ये गतिविधियाँ क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में उन्नति लाने के लिए कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल की दृढ़ प्रतिबद्धता की मिसाल हैं।
डॉ. शांतनु सेन ने थैलेसीमिया के इलाज के रूप में बोन मैरो प्रत्यारोपण की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हम मरीज़ों को सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान करने के लिए अपने ज्ञान और विशेषज्ञता का लगातार विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपने ज्ञान को सांझा करने के हमारे इन सत्रों का उद्देश्य थैलेसीमिया प्रबंधन और उपचार में प्रगति पर चर्चा करने के लिए अद्यतन रहना और अपने साथी डॉक्टरों के साथ सहयोग करना है।” उन्होंने कहा, “कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल मुंबई और कोल इंडिया लिमिटेड की ‘थैलेसीमिया बाल सेवा योजना’ के संयुक्त प्रयासों ने थैलेसीमिया और अप्लास्टिक एनीमिया के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए वंचित परिवारों के लिए काफी बड़ा बदलाव लाया है। यह साझेदारी इस क्षेत्र में कई मरीज़ों को जीवन बदलने वाले इलाज दिलाने में महत्वपूर्ण रही है और हम चाहते हैं कि इसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए।”
ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी के कंसल्टेंट डॉ. मानित गुंदवडा ने कहा, “ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में, बोन और सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर का सफलतापूर्वक सामना कर पाना और मरीज़ों में आशा की बहाली करना हमारा मिशन है। लिंब सालवेज सर्जरी से लेकर जटिल ट्यूमर पुनर्निर्माण, अत्याधुनिक नेविगेशन तक निर्देशित और मरीज़ विशिष्ट 3डी ट्यूमर सर्जरी से मरीज़ को उसके सभी काम कर पाने में सक्षम बनाए रखना और उसके जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि करना हमारा उद्देश्य है। ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में, हम सारकोमा प्रबंधन में नवीनतम प्रगति के साथ इलाज पर चर्चा करेंगे। साथ मिलकर, हम एक दूसरे को सक्षम बनाएंगे, यह पहल बोन और सॉफ्ट टिश्यू कैंसर के चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में बेहतर परिणामों का मार्ग प्रशस्त करेगी।”
कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल ज्ञान सांझा करने में दृढ़ता से विश्वास करता है और पूरे भारत में नियमित रूप से ऐसे सत्र आयोजित करते हुए उभरती चिकित्सा प्रौद्योगिकियों और उपचार प्रोटोकॉल के बारे में जागरूकता पैदा करता है। भारत में कैंसर के बढ़ते बोझ को देखते हुए, ऐसे प्लेटफॉर्मों की महत्वपूर्ण आवश्यकता है जो उपचार के परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।