छत्तीसगढ़ के रायपुर में नाबालिग से छेड़छाड़ की झूठी शिकायत कराकर दूसरे की सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। साजिश करने वाले मास्टरमाइंड सहित चार के खिलाफ बीएनएस की अलग-अलग कुल 13 धाराओं में अपराध दर्ज किया है। इनमें संगठित अपराध की धारा भी शामिल हैं।आरोपियों ने साजिश के तहत मोतीबाग के दरगाह के खादिम के खिलाफ नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ करने का मामला दर्ज कराया था। इसमें खादिम के खिलाफ छेड़छाड़ और पाॅक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज था। इस मामले में जिला न्यायालय और हा्ईकोर्ट ने खादिम को बड़ी राहत दी। करीब 5 साल के भीतर उन पर दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया। साथ ही झूठी एफआईआर कराने पर आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है।
क्या है मामला
सिविल लाइन इलाके के दरगाह के खादिम मोहम्मद नईम रिजवी पर 20 सितंबर 2020 को अब्दुल कय्यूम ने 12 साल की बालिका से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। इसकी लिखित शिकायत सिविल लाइन थाने में की। इस आधार पर पुलिस ने खादिम के खिलाफ धारा 354 आईपीसी और 8 पाॅक्सो क एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया।
नाबालिग ने किया साजिश का खुलासा
कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच के दौरान नाबालिग लड़की ने खुलासा कि अब्दुल कय्यूम के कहने पर खादिम के खिलाफ झूठी शिकायत की थी। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने अब्दुल कय्यूम के अलावा खैरूनिशा, हमीदा, महेसर के खिलाफ धारा 212,216,217,229, 230,231, 232,233,237,308(1),308(6), 308 (7),111 बीएनएस का अपराध दर्ज किया गया। पूरी घटना का मास्टरमाइंड अब्दुल कय्यूम है।
राजधानी में इस तरह का पहला मामला
रायपुर में छेड़छाड़ और पाॅक्सो एक्ट के झूठे मामले में पहली बार ऐसी कार्रवाई हो रही है। वर्तमान में कानूनी प्रावधानों का दुरुपयोग करते हुए छेड़छाड़ और दुष्कर्म के कई मामले सामने आने लगे हैं। राजधानी में इस तरह का पहला मामला है।