
महासमुंद के बेमचा में देशी शराब दुकान के सुपरवाइजर लेखराज साहू ने 15 फरवरी को अपना इस्तीफा दे दिया था। लेकिन इसके बाद भी वह अवैध रूप से काम करता रहाजिला मुख्यालय से मात्र 3 किलोमीटर दूर नहर किनारे स्थित इस देशी शराब दुकान में गड़बड़ी सामने आई है। लेखराज ने जिला आबकारी अधिकारी, जिला उपनिरीक्षक वृत्त महासमुंद और प्लेसमेंट एजेंसी इगल हंटर को अपना इस्तीफा सौंपा था। इस्तीफे के बाद वह त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में बरोंड़ा बाजार से सरपंच का चुनाव लड़ा।
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने इस्तीफे के बाद भी उसकी सेवाएं लेना जारी रखा। 28 फरवरी को एक वीडियो सामने आया। इसमें सुपरवाइजर के निर्देश पर सेल्समैन सुनील बंजारे और कलश ध्रुव कोचियों को बोरियों में शराब भरकर दे रहे थे। यह पूरा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा था।जांच के बाद सेल्समैन बर्खास्त, सुपरवाइजर को मिला बचाव
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के बाद आबकारी विभाग के महासमुंद वृत्त प्रभारी नितेश बैस के नेतृत्व में 5 सदस्यीय टीम ने 4 मार्च 2025 को जांच की। CCTV फुटेज के आधार पर दोनों सेल्समैन के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि इस्तीफा दे चुका सुपरवाइजर लेखराज साहू भी मौके पर मौजूद था, फिर भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।इस्तीफा के बाद भी शराब दुकान से अवैध कारोबार जारी
आबकारी विभाग की लापरवाही और मिलीभगत के चलते लेखराज साहू का इस्तीफा देने के बाद भी शराब दुकान से अवैध कारोबार जारी रहा। इस मामले में महासमुंद वृत्त और बेमचा देशी शराब दुकान के प्रभारी नितेश बैस का कहना है कि लेखराज का इस्तीफा कंपनी को भेजा गया था, लेकिन उसे अब तक अप्रूवल नहीं मिला, इसलिए कार्रवाई नहीं की गई