
यह घटना सिटी कोतवाली थाना के रामनगर इलाके की है। रामनगर इलाके में डॉक्टर गणेश सूर्यवंशी (54) अपनी पत्नी डॉ. उषा (52) के साथ रहते थे। 6 अप्रैल 2017 को सिटी कोतवाली थाना की पुलिस को डॉक्टर दंपती की हत्या की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि डॉ. गणेश सूर्यवंशी और उनकी पत्नी डॉ. उषा सूर्यवंशी का लहूलुहान शव उनके घर के आंगन में पड़ा हुआ था।
इस डबल मर्डर केस में शुरुआती जांच के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला, जिसकी वजह से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। लेकिन इस साल कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) ने डॉक्टर दंपती मर्डर केस की फिर से जांच के लिए कहा। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल की अगुवाई में एक जांच दल गठित किया गया।
ड्राइवर निकला हत्यारा, पैसों के लेन-देन से जुड़ा था मामला
जब टीम ने जांच शुरू की तो खुलासा हुआ कि हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं बल्कि खुद डॉक्टर दंपती के पूर्व ड्राइवर सत्यप्रकाश साहू ने की थी। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी कहानी बयां की।
सत्यप्रकाश ने पुलिस को बताया कि उसने डॉ. गणेश को करीब 1.80 लाख रुपए उधार दिए थे। उसने डॉक्टर से तीन-चार बार उधारी की रकम को वापस करने के लिए कहा था, लेकिन डॉक्टर उसे वापस नहीं कर रहा था।
उधार दिए पैसों को मांगने गया था ड्राइवर
सत्यप्रकाश आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। कुछ दिन बाद जब वो पैसे मांगने वह डॉक्टर के घर पहुंचा, तो उसी वक्त डॉक्टर और उनकी पत्नी के बीच आपसी झगड़ा हो रहा था।
सत्यप्रकाश के अनुसार, दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि डॉक्टर ने गुस्से में आकर दरवाजे को रोकने वाले भारी पत्थर से अपनी पत्नी के सिर पर हमला कर दिया। जवाब में पत्नी ने भी डॉक्टर पर हमला किया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण वह नीचे गिर गई। डॉक्टर ने दोबारा वार कर पत्नी की हत्या कर दी।
यह देखकर सत्यप्रकाश डर गया कि कहीं डॉक्टर उसे भी न मार दे। इसी डर से उसने डॉक्टर को धक्का दिया और फिर पत्थर से सिर पर वार कर उसकी भी हत्या कर दी।