
पीड़िता के मुताबिक, दोपहर के वक्त दो लोग फेरी वाले बनकर उसके घर पहुंचे। वे घर के अंदर तक चले गए। उन्होंने गैस चूल्हा बेचने की बात की। युवती के मना करने पर एक आरोपी ने उसे अकेला पाकर खुद के कपड़े उतारे और उसके साथ गलत काम करने का प्रयास किया।पीड़िता ने इसका विरोध किया और आरोपी को धकेला, इस दौरान दूसरा आरोपी बाहर खड़ा रहा। युवती के चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने बाहर खड़े युवक को पकड़ लिया, जबकि दूसरा भाग निकला। आरोपी आदिल को लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया, वह यूपी के मेरठ का रहने वाला है।
पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि दोपहर 12 बजे गैस चूल्हा वाले आए थे, जबरदस्ती खरीदने की बात कह रहे थे, जब मैंने मना किया तो मेरे साथ जबरदस्ती करना चाह रहे थे। मेरे जोर-जोर से चिल्लाने पर आसपास लोग पहुंचे तब दोनों वहां से भाग निकले, अभी तक एक आरोपी पकड़ में आया है।
आदिवासी समाज के युवा नेता येतेन्द्र सलाम ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा घटना के बाद ही एक्शन में आती है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में बहन-बेटियों के साथ छेड़छाड़ का यह पहला मामला नहीं है। गांव में उत्तरप्रदेश और मेरठ के लोग ज्यादा आते हैं। 20-25 लोगों पर पुलिस ने कार्रवाई की है।