छत्तीसगढ़ में मानसून आते ही अलग-अलग जिलों से जहरीले सांप निकलने की खबर सामने आ रही है। कोरबा जिले के नकटीखार गांव में एक मुर्गी ने अपने चूजों की रक्षा के लिए जहरीले नाग से भिड़ गई। उसने अंडों को बचा लिया लेकिन सांप के डसने से मुर्गी की मौत हो गई।
वहीं, रायगढ़ जिले के कुर्मापाली गांव में खेत से अजगर के 14 अंडे मिले, लेकिन सांप नहीं दिखा। अंडे बारिश के पानी में भीग गए थे। इनमें 2 अंडे ज्यादा खराब हो गए, लेकिन बाकी अंडों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।
कोरबा में मुर्गी और सांप आमने-सामने
घटना 1 जुलाई की रात करीब साढ़े 10 बजे की है। मकान मालिक द्वारिका एक्का ने बताया कि लाइट नहीं होने के कारण देर रात खाना खाने के बाद वे सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक मुर्गियों की आवाज सुनाई दी।
जब उन्होंने जाकर देखा तो कमरे में एक मुर्गी और सांप आमने-सामने थे। मुर्गी ने जहरीले नाग से भिड़ंत ली और अपने चूजों को बचा लिया। हालांकि, इस दौरान सांप के काटने से मुर्गी की मौत हो गई। दूसरी मुर्गी अपने चूजों को लेकर सुरक्षित स्थान पर बैठी रही।
सूचना मिलते ही RCRS टीम मौके पर पहुंची। टीम के अध्यक्ष अविनाश यादव, सदस्य सागर और अजय ने विषैले कोबरा का सफल रेस्क्यू किया।
रायगढ़ में अजगर के अंडे का रेस्क्यू
रायगढ़ जिले के कुर्मापाली गांव में खेत में अजगर के अंडे देखने के बाद गांव की श्वेता साव ने सर्परक्षक समिति को सूचना दी। जिसके बाद समिति के अध्यक्ष लोकेश मालाकार और उनकी टीम मौके पर पहुंची, और सभी अंडों को वहां से निकालकर सुरक्षित पैरा में रखा गया है।
अजगर के अंडों को देखने के लिए गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए थे। समिति ने अंडों को बल्ब की गर्मी में रखने की सलाह दी है, और अब ये वन विभाग की निगरानी में रखे गए हैं। सर्परक्षक समिति के सदस्य समय-समय पर उनकी स्थिति देखने पहुंचेंगे।