वेटलिफ्टिंग की राष्ट्रीय स्पर्धा में कुमकुम ने उठाया स्वर्ण पदक का भार इतने उपलब्धियों के बावजूद नहीं मिल पा रहा जन सहयोग

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किशन सिन्हा छत्तीसगढ़ क्राइम

छुरा। भुनेश्वर उड़ीसा में 10 जुलाई से 14 जुलाई तक आयोजित राष्ट्रीय भारोत्तोलन स्पर्धा अस्मिता खेलो इंडिया महिला वेटलिफ्टिंग में छत्तीसगढ़ की ओर से चुनौती देते हुए आज छुरा नगर की लाडली कुमकुम ध्रुव ने एक भार फिर गोल्ड मेडल हासिल कर अपने क्षेत्र का नाम रौशन कर दिखाया है।

विदित हो कि इससे पूर्व प्रदेश स्तरीय स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था जिसमें कुमकुम ध्रुव 49 किग्रा सब भारवर्ग सब जूनियर में स्ट्रांग बालिका का खिताब जीता था इसी आधार पर उनका चयन राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए छत्तीसगढ़ की टीम में हुआ था पिछले वर्ष भी इसी स्पर्धा में कलकत्ता में शामिल हुए थे जिसमें कुमकुम को अपने अपने वर्गों में छठा रैंक प्राप्त हुआ था। छत्तीसगढ़ प्रदेश भारोत्तोलन संघ के ईकाई के रूप में गरियाबंद जिला भारोत्तोलन संघ के ये खिलाड़ी राष्ट्रीय चयन कर्ताओं को अपनी ओर आकृष्ट करा चुके हैं सेवानिवृत्त पीटीआई प्रमोद सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित ये खिलाड़ी अब छत्तीसगढ़ का गौरव बना रहे हैं खिलाड़ियों के साथ कोच मेनेजर के रुप में सहयोग के लिए शीतल ध्रुव और देवकुमार निषाद भी भुवनेश्वर में मौजूद हैं।

राष्ट्रीय स्पर्धा में प्रतिनिधित्व करने व सफलता प्राप्त करने पर सोशल मिडिया तोकेश्वरी मांझी अध्यक्ष जनपद पंचायत, ने शुभकामनाएं प्रेषित किया है। मगर विडंबना की बात यह है कि यह वे बालिकाएं इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए साल भर अपना मेहनत अपना परिश्रम अपना डायट स्वयं के खर्चों पर व्यय करने पर मजबूर रहते हैं उन्हें हर बार पदक प्राप्ति के पश्चात केवल आश्वासन ही मिलता है और अभी जब वह उड़ीसा गए हैं उनके लिए भी वह स्वयं के पाई पाई जुटा कर आने-जाने व रहने की व्यवस्था कर पाएं हैं इनके लिए किसी संस्था या किसी व्यक्ति विशेष के माध्यम से इन्हें किसी भी प्रकार का सहयोग अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है जो जीत की खुशी के बावजूद भी निराशा का कारण और लोगों की उनके प्रति सहानुभूति के भाव को व्यक्त करता है। आशा है इस ख़बर के माध्यम से उन्हें सहयोग प्राप्त होना प्रारम्भ हो जाए…

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