बिलासपुर सकरी निवासी एक व्यक्ति केवाईसी अपडेट कराने फर्जी बैंक अफसर के चक्कर में पड़ कर 26 लाख 74 हजार 701 रुपए गंवा बैठा। शिकायत पर थाना रेंज साइबर की टीम ने इस मामले की जांच करते हुए 25 मई को अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को ओडिशा से गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर दो और आरोपियों को सक्ती जिले से गिरफ्तार किया गया है। ये लोग फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का धोखाधड़ी में इस्तेमाल करते थे।
फर्जी खाते और सिम का उपयोग कर करते थे ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने गांधी नामक व्यक्ति के माध्यम से राउरकेला और जामताड़ा के ठगों से संपर्ककर अपने व अपनी पत्नी के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर खाता किट (एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल नंबर) उन्हें दे दिए थे। इसके एवज में दोनों को कमीशन के रूप में पैसे मिलते थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि वे फर्जी सिम कार्ड व खातों का उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए करते थे।
ओडिशा से गिरफ्तार 3 आरोपियों की निशानदेही पर दो और पकड़ में आए
पुलिस ने ठगी की रकम प्राप्त करने संदेही खाता धारक दीपापल्ली ओडिशा निवासी कृष्णा लूहा (42 वर्ष) को थाना उलूंडा के स्टाफ के सहयोग से ढूंढा । उसे थाना उलूडा में लाकर पूछताछ की गई। इस पर उसने आरोपी दीपल्ली निवासी गुलेख कुहार (40 वर्ष) एवं विवेकानंदपल्ली, राऊरकेला निवासी पंकज कुमार खैतान (44 वर्ष) के साथ मिल कर ठगी की बात स्वीकार की।
अमानत में खयानत: 70 लाख के बिजली उपकरण लेकर फरार आरोपी रीवा से पकड़ाया
बिजली विभाग द्वारा कोनी क्षेत्र में सुधार कार्य के लिए दिए गए लाखों के उपकरणों को लेकर फरार होने वाले कर्मचारी को पुलिस ने रीवा, मध्सप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायिक रिमांड पर रख अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।