लहरौद की वृदध प्रतिभा मसीह न्याय की चौखट पर बारम्बार हुई आहत

Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh Crimesशिखा दास

छगक्राईम्स

महासमुन्द पिथौरा

मामला लहरौद की वृदधाप्रतिभा मसीह का न्याय की चौखट पर निराशा के बादल*

••~तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है

मगर ये आंकड़े झूठे हैं दावा किताबी है`~•

जमीन मामले में पक्षपात पूर्ण रवैया SDMका अपमानजनक बर्ताव का आरोप कलेक्टर से जांच की मांग

 

लहरौद हल्का प्रकरण: एसडीएम पर पक्षपात और निष्क्रियता के गंभीर आरोप, वृद्ध प्रतिभा ने कलेक्टर से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम लहरौद की 70 वर्षीया निवासी प्रतिभा मसीह ने जिला कलेक्टर को एक आवेदन सौंपकर पिथौरा के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) ओंकारेश्वर सिंह पर निष्क्रियता, पक्षपात और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं।

 

अपने आवेदन में उन्होंने मांग की है कि लहरौद हल्का मामले की जांच जिला स्तर के किसी निष्पक्ष और सक्षम अधिकारी से कराई जाए, ताकि सच्चाई उजागर हो सके।प्रतिभा मसीह ने बताया कि 7 मई 2025 को उन्होंने अपनी जमीन (खसरा नंबर 657/2, रकबा 0.73 हेक्टेयर) को शासकीय शिक्षिका गंगादेवी ध्रुव द्वारा कथित रूप से हड़पने और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत एसडीएम को सौंपी थी। हालांकि, एसडीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की।

 

✴️ मीडिया में आत्मदाह की खबरें प्रकाशित होने के बाद मामला गरमाने पर एसडीएम ने उल्टा उन पर शासकीय भूमि पर कब्जे का आरोप लगा दिया, जबकि प्रतिभा का कहना है कि लहरौद गांव के 60% निवासी शासकीय भूमि पर निवासरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम अपनी नाकामी छिपाने के लिए मुख्य मुद्दे को भटका रहे हैं।आवेदन में उल्लेख है कि गंगादेवी ध्रुव, जो पहले अवैध शराब बिक्री के मामले में जेल जा चुकी हैं, ने न केवल उनकी जमीन हड़पी, बल्कि खसरा नंबर 86/1 सहित अन्य शासकीय भूमियों पर भी अतिक्रमण कर मकान बनाया है। प्रतिभा ने सवाल उठाया कि यदि भूमि शासकीय थी, तो प्रशासन अब तक निष्क्रिय क्यों रहा

 

वृद्ध महिला को 2 बार बुलाया दफ्तर ओर लगाई फटकार

 

आत्मदाह की चेतावनी के बाद 6 जून 2025 को एसडीएम ने उन्हें दो बार कार्यालय बुलाया।

 

सुबह 10 बजे उन्हें बताया गया कि गंगादेवी स्कूल गई हैं, और शाम 3 बजे आने को कहा गया। शाम को सूचना मिली कि गंगादेवी अस्पताल में भर्ती हैं।

 

शारीरिक अक्षमता (पैरों की उंगलियां कटी होने) और आवागमन के साधन न होने की बात कहने पर भी एसडीएम ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। आहत होकर प्रतिभा आत्मदाह की तिथि से दो दिन पहले परिवार समेत रायपुर चली गईं।

 

प्रतिभा मसीह ने कलेक्टर से विनम्र निवेदन किया है कि एसडीएम के संदिग्ध रवैये, निष्क्रियता, पक्षपात और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के इस प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष जिला स्तरीय अधिकारी से कराई जाए। उन्होंने न्याय और पारदर्शिता की उम्मीद जताते हुए त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की है।

 

✴️मामले में एसडीएम ओंकारेश्वर सिंह का पक्ष लिया गया तो उन्होंने कहा प्रतिभा मसीह ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा है उन्होंने दुर्व्यवहार नहीं किया।