
छगक्राईम्स
महासमुन्द/पिथौरा
अगर राज्यपाल डेका से मिल लेती तो किसकी कुर्सी को किसकी छवि को खतरा था?✴️
✴️घुमता हुआ आईना चौपाल चर्चा खुब रही ✴️
क्या सरकारी शिक्षिका से प्रताड़ित बुजुर्ग प्रतिभा मसीह राज्यपाल के लिए कोई खतरा बन सकती थी ? क्यों मिलने से रोका गया? क्या बन्दूक थी उनके हाथ में साथ में जो मीडिया कर्मी थेतो मेटल डिटेक्टर से चेक कर लेते?
स्व-सहायता महिला समूहों के पूर्व प्रायोजित कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण की बात जोर-शोर से की गयी फोटो सेशन भी हुआवहीं
प्रतिभा मसीह को बहुत दुर रोक दिया गया?
महिला सशक्तिकरण के मामले में दोगलापन दिखाई दिया प्रतिभा मसीह के साथ मीडिया कर्मी भी थे उन्हें भी रोका गया/पीड़िता के साथ उनकी मानसिक विकलांग बेटी के साथ भी राज्यपाल का एक फोटो क्लिक हो जाता तो किसकी छवि धुमिल हो जाती?
पिथौरा REST HOUSE से गोडबहाल गांव तक खुब फोटो सेशन चलते रहे पर बुजुर्ग प्रतिभा मसीह को उनकी चौखट से दुर रखा गया क्यों?क्या एक बुजुर्ग महिला पीड़ित परिवार के मानवाधिकार का हनन नहीं हुआ या है?
न्याय की मांग को लेकर 70 वर्षीय प्रतिभा मसीह को राज्यपाल के कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षाकर्मियों ने रोका, किसके इशारे पर
आवेदन किसी तरह राज्यपाल तक पहुंचा रायपुर से एक विधायक की पहल पर SODसे मीडिया की चर्चा के बाद!!
महासमुंद, पिथौरा
4 जुलाई 2025।
राज्यपाल श्री रमेन डेका के गोड़बहाल प्रवास के दौरान एक 70 वर्षीय महिला, प्रतिभा मसीह, न्याय की गुहार लेकर कार्यक्रम स्थल पहुंचीं। लेकिन कार्यक्रम स्थल के एक किलोमीटर दूर गोड़बहाल मोड़ चौक में ही सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह से स्थानीय प्रशासन की पोल न खुल सके और राज्यपाल तक असंतोष की आवाज़ न पहुंचे।
हालांकि, तमाम बाधाओं के बावजूद किसी तरह से प्रतिभा मसीह का आवेदन राज्यपाल श्री रमेन डेका तक पहुंचा। अपने आवेदन में प्रतिभा मसीह ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी का आचरण पक्षपातपूर्ण है और वह उनके मामले में अनावेदक का पक्ष ले रहे हैं। प्रतिभा मसीह ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
इस घटना ने प्रशासनिक कार्यशैली और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
। वरिष्ठ नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है, बल्कि प्रशासन की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।?
कौन-कौन सी घबराहट चिन्ता थी प्रतिभा मसीह से अगर राज्यपाल से मिल ही लेती
उनको आत्म तसल्ली तो मिलती ?वो कोई तमंचा या देशी कट्टा लेकर मीडिया कर्मी सहित तो नहीं गयी होंगी?
पिथौरा की चौपाल चर्चा राजनीतिक गलियारों में भी यह चर्चा खूब कि सिर्फ सुदुर गोडबहाल में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक क्यों रखी गयी? पिथौरा में क्यों नहीं
मीडिया को भी दूर रखा गया !
प्रतिभा मसीह मामले का लगातार प्रकाशन हुआ है मीडिया समूह में//उनका आरोप है कि
प्रशासन उस शासकीय शिक्षिका गंगादेवी ध्रुव का सहयोग कर रहा है जो शासकीय शिक्षिका पूर्व में अवैध शराब बिक्री के केस में पिथौरा थाना से जेल जा चुकी है व लहरौद में अलग अलग दो जगहों में शासकीय भूमि में अवैध कब्जा कर सर्वसुविधा युक्त मकान निर्माण की है जिसका खसरा नम्बर 657 /1 व 657 / 2 है । यह शासकीय शिक्षिका गंगादेवी ध्रुव शासकीय सेवा में होने के बाद भी राशन कार्ड व आधारकार्ड रख कर ब्याज में पैसे देने का काम करती है ।
महिला सशक्तिकरण की बात बात तक ही सीमित एक महिला , एक पीड़ित बुजुर्ग महिला परिवार , अपनी समस्या का निजात पाने राज्यपाल से मुलाकात नहीं कर पाई उन्हें रोक दिया गया । मीडिया जो जनता की आवाज राज्य पाल तक पहुंचाना चाहते थे मिलने से वंचित रहा । जिस स्कूल में आयोजन था उस स्कूल के बच्चे शिक्षक अपने निर्धारित छुट्टी के समय के बाद भी बंधक बनाये जैसे कमरे में पड़े रहे राज्यपाल जाने के बाद पानी मे भीगते गये बच्चे शायद इनमें से कई बच्चे पानी मे भीगने से बीमार भी पड़ सकते है । कौन होगा इसका जवाबदार ।