मोहननगर थाना क्षेत्र में 6 साल की बच्ची के साथ रेप के बाद हत्या के मामले में एसआईटी की टीम ने जांच शुरू कर दी है। इधर पुलिस ने डीएनए टेस्ट के लिए सेंपल भी भेजा है। परिजनों के आरोप के बाद इस मामले में अलग ही रुख अख्तियार कर लिया है। परिजनों ने बच्ची के चाचा को निर्दोष बताते हुए पुलिस पर जबरन उसे आरोपी बनाने का आरोप लगाया है। जिसके बाद पुलिस ने एसआईटी का गठन किया, ताकि मामले की जल्दी विवेचना पर प्रकरण को न्यायालय में पेश किया जा सके।20 लोगों से की पूछताछ
एसआईटी की टीम ने बच्ची के निवास के आसपास रहने वाले परिवार के करीब 20 लोगों से पूछताछ की है। टीम में मोहन नगर टीआई शिव प्रसाद चंद्रा, महिला थाना से श्रद्धा पाठक, छावनी थाना के उपनिरीक्षक चेतन चंद्राकर, मोहन नगर थाना के उपनिरीक्षक पारस ठाकुर, सहायक उपनिरीक्षक राजेन्द्र देशमुख, रक्षा टीम सहायक उपनिरीक्षक संगीता मिश्रा, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी नारायण पात्रे को शामिल किया है। इसमें टीम के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के इस्तीफे की मांग
वहीं दुर्ग जिला बार काउंसिल ने घोषणा की, कि वह अदालत में आरोपियों की पैरवी नहीं करेगी। बालिका जिस यादव समुदाय से आती है, उसने घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की है। समुदाय ने दुर्ग कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर बालिका की मां के लिए 50 लाख रुपए की सहायता और उसके लिए सरकारी नौकरी की मांग भी की है। विपक्षी कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने का आरोप लगाते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के इस्तीफे की मांग की है। शर्मा के पास गृह विभाग भी है।