मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान होगा शुरू

Chhattisgarh Crimes छत्तीसगढ़ सरकार अब सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए पूरा फोकस करने जा रही है। इसके लिए सरकारी स्कूलों का सामाजिक ऑडिट कराया जाएगा। गुणवत्ता के आधार पर स्कूलों को ग्रेडिंग दी जाएगी। इसके आधार पर स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। गुणवत्ता में सुधार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी मदद ली जाएगी। इसके लिए सरकार मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलाएगी। यह निर्णय बुधवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकारी स्कूलों में ‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलाएंगे। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धियों को उन्नत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। इस अभियान को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अलग से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा।

कमजोर स्कूल के शिक्षकों को कराएंगे मॉडल स्कूल का भ्रमण

कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से की जाएगी। मॉडल शालाओं का चयन कर, कमजोर शालाओं के शिक्षकों को वहां शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता की जाएगी।

कलाकारों की पेंशन 2000 से बढ़कर हुई 5000

कैबिनेट ने साहित्य और कला के क्षेत्र में राज्य के आर्थिक तंगी से जूझ रहे कलाकारों और साहित्यकारों की पेंशन बढ़ाने का फैसला लिया है। बजट की घोषणा के अनुसार अब कलाकारों को प्रति माह दी जाने वाली पेंशन 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपए कर दी गई है। इससे उन कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, जो आजीविका के लिए संघर्षरत हैं। इससे राज्य पर 58.32 लाख रुपए का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा। बता दें कि यह यह योजना वर्ष 1986 में शुरू हुई थी। तब न्यूनतम सहायता राशि 150 और अधिकतम 600 रुपए थी। बाद में वर्ष 2007 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपए और फिर 2012 में 2000 रुपए किया गया। पिछले 12 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। राज्य में कुल 162 कलाकारों को पेंशन दी जा रही है।

लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टक हब बनाने की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब राज्य के हर हिस्से में माल ढुलाई और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई लॉजिस्टिक नीति लाई जाएगी। इससे व्यापारियों को फायदा होगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी।

विकासखंडों में सीबीएसई स्कूल और मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी मॉल

कैबिनेट ने प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने का भी फैसला लिया है। इसके तहत नगरीय निकाय क्षेत्रों में आने वाले विकासखंडों में न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल खोले जाएंगे। इसके अलावा मल्टीप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा।

एक नजर प्रदेश के सरकारी स्कूलों पर
स्कूल- स्कूलों की संख्या- कुल विद्यार्थीप्राथमिक-32461-2482919
माध्यमिक-16570-1463372

हाई स्कूल- 2704-823352
हायर सेकंडरी स्कूल-4880-558893

Exit mobile version