नहीं थम रही सड़क दुर्घटनाएं, साढ़े 4 माह में 5500 हादसे

Chhattisgarh Crimesवाहनों की रफ़्तार के चलते राज्य में सड़क हादसों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले साढ़े चार महीने में 5500 हादसों में 3000 की मौत और 5000 लोग घायल हो चुके हैं। जबकि इसी अवधि में पिछले साल 2024 के दौरान इसका ग्राफ 9 फीसदी कम था। जनवरी से लेकर मई 2025 के दौरान हर महीने इसमें इजाफा हुआ है। राज्य पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि वैवाहिक सीजन के दौरान मालवाहनों में यात्रियों का परिवहन करने और शराब पीकर लापरवाहीपूवर्क वाहन चलाने से हादसे बढ़े हैं।

इसे रोकने के लिए विभागीय अमला लगातार चालानी कार्रवाई करने के साथ ही लाइसेंस निलंबित कर रहा है। इसके लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखकर लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की गई है। बता दें कि खरोरा में पिछले दिनों हुई दुर्घटना के बाद प्रदेशभर के सभी जिलों में वाहनों की जांच अभियान चलाकर चालानी कार्रवाई की जा रही है।

हादसे रोकने सख्ती से अभियान

पिछले कुछ समय से सड़क हादसों में इजाफा हुआ है। खरोरा में हुई दुर्घटना की पुनरावृति को रोकने के लिए चेकिंग अभियान को सती से चलाया जा रहा है। वहीं घटना की जांच करने के बाद राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपने की तैयारी चल रही है। – संजय शर्मा, एआईजी ट्रैफिक

ट्रैफिक नियमों की पालना नहीं, 13 करोड़ जुर्माना वसूले

ट्रैफिक नियमों की पालना नहीं करने वालों से पिछले साढ़े चार महीने में 3 लाख से ज्यादा वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। साथ ही उक्त वाहन चालक एवं मालिकों से 13 करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूल किया गया। राज्य पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इससे कहीं अधिक वाहनों के खिलाफ आईटीएसएस के जरिए ऑनलाइन चालानी कार्रवाई की गई है। लेकिन, नाम-पता और मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होने के कारण भेजे गए नोटिस वापस लौट गए। इसके चलते उक्त वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाई। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके पूरा होते ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को तत्काल पहचान करने के साथ ही चालानी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। वहीं ट्रैफिक नियमों का सती से पालन कराया जा सकेगा।

इस साल जनवरी से 14 मई तक हर महीने औसतन 1300 हादसों में 725 की मौत और 1250 लोग घायल हुए हैं। रोजाना औसतन 41 हादसों में 22 की मौत और 37 लोग घायल हुए हैं। जबकि इसी अवधि में 2024 के दौरान 38 हादसे में 19 की मौत और 35 लोग घायल हुए थे। इसमें 2 से 5 फीसदी का इजाफा हुआ है। हादसे सबसे ज्यादा रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, बलौदाबाजार और महासमुंद जिले में हुए हैं।
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