
मानपुर। महाराष्ट्र के सीमावर्ती संबलपुर गांव में पुलिस जवान के पिता की हत्या के बाद आखिरकार पुलिस शव को घटना स्थल से लेकर आ गई है. पुलिस रातभर घटना स्थल मौजूद रही और सुबह होते ही शव को मौके से वापस मानपुर ले आए.
दरअसल, 14 अक्टूबर को दिन दहाड़े दोपहर करीब 3-4 बजे नक्सलियों की टुकड़ी ने इसी क्षेत्र में तैनात पुलिस जवान के पिता को संबलपुर स्थित उसके खेत में गोली मारने के बाद टंगिए से काटकर उसकी हत्या कर दी थी. घने जंगल के बीच खेत में पड़े शव को उठाना आसान नहीं था. जिसके बाद देर रात मानपुर से दो एडिशनल एसपी पुपलेश कुमार और आकाश मरकाम की अगुवाई में एसपी वाय अक्षय कुमार ने पुलिस बल को घटना स्थल के लिए रवाना किया. रात भर पुलिस जवान घटना स्थल में मौजूद शव के इर्द गिर्द डटे रहे. फिर सुबह होते ही वे शव और मृतक की बाइक को नक्सलियों की मांद में मौजूद खेत से मानपुर ले आए.
बता दें कि करीब 13 साल पहले गांव छोड़कर नक्सल पीड़ित संबलपुर निवासी रावेंद्र कटेंगा मानपुर मुख्यालय में रह रहा था. उस दौरान उसके बेटे निरिंग शाय को शासन ने पुलिस में भर्ती किया था. इसी बात से माओवादी रावेंद्र से खार खाए बैठे थे. आखिरकार मौका पाकर माओवादियों ने अपना खेत देखने गए रावेंद्र को गोली और टंगिये से वार कर मौत के घाट उतार दिया और उसकी बाइक को आग लगा दी.