नया स्कूल भवन महीनो से अधूरा झोपड़ी में पढ़ाई करने मजबूर आदिवासी बच्चे

Chhattisgarh Crimes

पूरन मेश्राम/मैनपुर। स्कूल जतन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन शिक्षा विभाग के द्वारा जर्जर स्कूल भवनों मे पढ़ रहे बच्चों के लिए नया स्कूल भवन बनाने के लिए लाखों रूपयो की स्वीकृति प्रदान करते हुए ठेकेदारों के द्वारा सही समय पर नया स्कूल भवन बनाकर दिए जाने एग्रीमेंट किया गया है। ताकि स्कूली बच्चों को विद्या अध्ययन करने में कोई तकलीफ और व्यवधान ना आवे लेकिन महीनो,साल गुजर जाने के बाद भी नया स्कूल भवन बनकर तैयार नहीं होने के कारण बच्चों को आज भी झोपडी नुमा सार्वजनिक मकान मे पढा़ई करना पड़ रहा है। यह मामला विकासखंड मुख्यालय मैनपुर राजापड़ाव क्षेत्र के संकुल केंद्र गोना के अंतर्गत मोतीपानी गांव का है जहां पर जर्जर स्कूल में पढ़ाई कर रहे मासूम बच्चों के लिए नया स्कूल भवन छत्तीसगढ़ शासन शिक्षा विभाग के द्वारा बनाया जा रहा है।

लेकिन ठेकेदार के लापरवाही के चलते महीनो बीत जाने की बाद भी स्कूल भवन आधा अधूरा ही है।ग्रामीणों का कहना है की नया स्कूल भवन तैयार होने में क्या समस्या आ रही है। ठेकेदार के द्वारा अभी तक क्यों नहीं बनाया कितने लाख का स्वीकृती ,कौन ठेकेदार, राशि ठेकेदार को मिला कि नही इससे हमे कोई मतलब नहीं है। शासन के मंशानुसार नियत समय मे बच्चों के लिए स्कूल भवन बनकर तैयार होना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।जिसे देखने वाला कोई विभागीय जिम्मेदार नजर नहीं आता ठेकेदार को नियत समय में स्कूल भवन बनकर दिया जाना चाहिए। अन्यथा छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री को इसकी शिकायत किया जावेगा।

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