सफाई में लगने वाले यूजर चार्ज का विरोध, भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया को सौंपा ज्ञापन

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में साफ-सफाई के लिए यूजर चार्ज लेने का विरोध शुरू हो गया है। भाजपा नेताओं ने इसका विरोध किया तो उन्हें ही फजीहत झेलनी पड़ गई। चार्ज को वापस लेने की मांग लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया से मिलने पहुंचे। जहां मंत्री ने कह दिया कि यह यूजर चार्ज भाजपा सरकार का ही किया धरा है।

रायपुर भाजपा और व्यापार प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों के साथ नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव डहरिया से मिलने पहुंचे भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने यूजर चार्ज का विरोध किया। उनका कहना था, मौजूदा समय में व्यापारी कोरोना काल की परेशानियों से उबरने का प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में एक नया कर उसके लिए झटके के समान है। सुंदरानी ने कहा, अभी तो लोग, कांग्रेस सरकार के घोषणा पत्र के मुताबिक संपत्ति कर आधा होने का इंतजार कर रहे हैं। अब कांग्रेस अपने वादे से मुकरते हुए एक नया कर लागू कर रही है।

श्रीचंद सुंदरानी ने कहा, अगर यह यूजर चार्ज हटाया नहीं गया तो भाजपा इसके विरोध में आंदोलन करेगी। मंत्री शिव डहरिया ने उनकी बात सुनते ही कहा, यह तो आप ही लोगों ने बनाया है 2017 में। हमने कोई नया चार्ज नहीं लगाया। जो चार्ज लग रहा था, उसे बढ़ाया नहीं। आप लोगों ने जो बनाया था, हम उसका पालन करा रहे हैं। रायपुर नगर निगम में भाजपा पार्षद दल की नेता मीनल चौबे ने कहा, हमने नियम बनाए थे, लेकिन हम ले नहीं रहे थे। मंत्री शिव डहरिया ने कहा, 2017 का केंद्र सरकार का पत्र है। इसमें यूजर चार्ज लेने को कहा गया है। केंद्र सरकार का दबाव है कि यूजर चार्ज नहीं लिया तो वह स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग नहीं देगी।

रायपुर नगर निगम ने साफ-सफाई के लिए 7 हजार 800 रुपए सालाना यूजर चार्ज लगाया है। निगम प्रशासन अभी एकमुश्त 10 महीने का चार्ज लेने की कोशिश में है। अधिकारियों का कहना है, कारोबारियों ने हर महीने यूजर जार्च नहीं दिया है, इसलिए एक साथ वसूला जा रहा है। फरवरी-मार्च का चार्ज वे बाद में दे सकते हैं।

यूजर चार्ज के विरोध कर रहे कारोबारी

इधर व्यापारिक संगठन यूजर चार्ज को दोहरा कर बताकर विरोध में उतर आए हैं। व्यापारिक संगठनों का कहना है, जब वे संपत्ति कर, मेंटिनेंस चार्ज आदि चुका रहे हैं तो यह यूजर चार्ज क्यों दें। कुछ संगठनों का कहना है, रायपुर का यूजर चार्ज इंदौर जैसे सबसे साफ शहरों से दोगुना अधिक है। वहां सालाना 3600 रुपए सालाना चार्ज है, जबकि यहां 7800 रुपए लिए जा रहे हैं।

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