
फिलहाल ये सभी पर्यटक श्रीनगर में सुरक्षित हैं। हमले के बाद छत्तीसगढ़ के पर्यटकों ने वहां के हालात को आंखों देखी अपने-अपने अनुभव दैनिक भास्कर डिजिटल से शेयर किए। बतादें कि मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी।
इस आतंकी हमले में रायपुर के स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की गोली मारकर हत्या कर दी। आतंकियों ने पत्नी, बेटे और बेटी के आंखों के सामने गोली मारी। मृतक का पार्थिव शरीर दिल्ली से फ्लाइट से रायपुर लाया जाएगा, जो रात 8 बजे पहुंचेगी।
कश्मीर को किया गया बंद
इधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के लोगों से बातचीत की है। डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा भी लगातार पर्यटकों से संपर्क में हैं। राज्य सरकार उन सभी को सुरक्षित लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सुरक्षा के लिहाज से जम्मू-कश्मीर को बंद कर दिया गया है। सभी जगह सेना तैनात कर दी गई है। जो भी पर्यटक बाहर जा रहे हैं, उनके गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। पूछताछ की जा रही है। उसके बाद ही उन्हें बाहर जाने दिया जा रहा।
बिलासपुर के चीफ इंजीनियर ने बताया आंखों देखी घटना
बिलासपुर नगर निगम के चीफ इंजीनियर राजकुमार मिश्रा श्रीनगर में ट्रेनिंग के लिए गए हैं। इस दौरान वो अपने परिवार के साथ घूमने भी गए हैं। 22 अप्रैल को राजकुमार मिश्रा ने बैसरन जाने की योजना बनाई थी। लेकिन, अचानक हुए हमले के बाद उन्होंने प्लान बदल दिया। हमले के बाद वहां की आंखों देखी हालात को दैनिक भास्कर डिजिटल के रिपोर्टर से फोन के जरिए बयां किया।
उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने जब पर्यटकों पर हमला किया, तब चारों तरफ अफरातफरी मच गई। इस दौरान पहले ये अफवाह फैली कि सेना के जवान ने किसी स्थानीय को गोली मार दी है। इसके बाद वहां सारी दुकानें बंद हो गई और कर्फ्यू लग गई।
उन्होंने बताया कि श्रीनगर में ट्रेनिंग के बाद 21 अप्रैल की रात पहलगाम पहुंचे। उनके साथ स्मार्ट सिटी के मैनेजर एसपी साहू और मेरे परिवार के सदस्य पत्नी मंजू मिश्रा, बेटी खुशी मिश्रा और ख्याति मिश्रा भी शामिल हैं। साथ ही एसपी साहू की पत्नी रितु साहू भी हैं।
एक दिन पहले तक पहलगाम में सब ठीक था। सैलानी घूम रहे थे। लिहाजा, उन्होंने भी आसपास के पर्यटक स्थलों को देखा। 22 अप्रैल को उनकी बैसरन जाने की योजना थी। लेकिन, अचानक हुए हमले के बाद उन्हें प्लान बदलना पड़ा।
जहां हुआ हमला वहीं जाने का था प्लान
उन्होंने बताया कि जहां हमला हुआ वहां जाने की तैयारी थी। वह दुर्गम और पहाड़ी रास्ता से होकर जाता है। लेकिन, हमले की खबर मिलते ही सेना के जवानों ने पर्यटकों को रोक दिया।
चारों तरफ मची अफरातफरी, दुकानें बंद
जैसे ही हमले की खबर मिली वहां अफरातफरी का माहौल बन गया। पर्यटक सुरक्षित होटलों में पहुंचने की कोशिश करते रहे। वहीं, सेना के जवानों की हलचल बढ़ गई। देखते ही देखते कर्फ्यू सा नजारा दिखने लगा।
कहा- हम सभी सुरक्षित, वापस लौटने की है तैयारी
उन्होंने बताया कि होटल में हमारी मदद की गई। हमें सुरक्षित ठहराया गया। हमारा परिवार पूरी तरह सुरक्षित है और अब हम वापस बिलासपुर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
ट्रैवल एजेंसी की संचालक ने बयां किए हालात
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले के बाद सभी टूरिस्टों को रोक दिया गया है। प्रदेश के 65 पर्यटक ट्रैवल एजेंसी की संचालक ममता शर्मा के साथ कश्मीर पहुंचे हैं। इसमें भिलाई के 10, बिलासपुर के 8 और बाकी रायपुर के 55 समेत 65 पर्यटक श्रीनगर में फंसे हैं।
हमले की खबर के बाद सभी को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में ममता लगी रहीं। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने ममता से सवाल किया- मैम आप लोग कैसे हैं क्या हालात हैं वहां और घटना के समय क्या स्थिति थी ? इसके बाद ममता ने वहां के हालात के बारे में बताया।
हम बहुत अच्छे से पूरी ट्रिप कर रहे थे। इसके बाद हमें पहलगाम जाना था। किसी कारण से एक पॉइंट छूटा गया था ट्यूलिप गार्डन वगैरह। हमें सुबह 9:00 बजे चेक आउट करना था लेकिन लेट हुआ और हम 2:00 बजे तक श्रीनगर में ही रह गए। इसके बाद हम पहलगाम के लिए रवाना हुए।
यदि हम अपने टाइम पर पहलगाम गए होते तो आज हमारी स्थिति कुछ और होती। हर तरफ से आर्मी ने रास्ता पैक कर दिया। शाम तक स्थिति इतनी खराब हो गई कि फोर्स वाले एक ही लाइन बोल रहे थे कि जहां खड़े हो वही खड़े रहो ना आगे जाना है ना ही पीछे। अभी जहां हो सेफ जोन में हो।
हम गाड़ी में ही बैठे रहे। आगे पहलगाम में होटल में 20 से ज्यादा हमारे कमरे बुक थे। पीछे हम होटल छोड़कर आ चुके थे। दूसरे होटलों में बात कर रहे थे तो सभी जगह होट फुल हो चुके थे। इस ट्रिप के लिए हमनें 2 महीने पहले सारी बुकिंग्स की थीं। सब कुछ बिगड़ता चला जा रहा था। दिमाग में यही बात थी कि हमें जहां जाना है हम वहां पहुंच नहीं पा रहे हैं, पीछे भी लौटे तो 65 लोग रहेंगे कहां।
भिलाई की महिला पर्यटक ने वीडियो जारी कर दी घटना की जानकारी
पर्यटकों में भिलाई के सेक्टर-7 निवासी महिला विजया शुक्ला ने वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी है। महिला अपनी फैमिली के 10 लोगों के साथ श्रीनगर गई है। श्रीनगर के होटल से एक वीडियो भी पोस्ट किया है। उसमें वो वहां के हालत के बारे में बता रही है। इधर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के लोगों से बातचीत की है। डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा भी लगातार पर्यटकों से संपर्क में हैं।
18 अप्रैल को निकले थे जम्मू घूमने
छत्तीसगढ़ के भिलाई से जो पर्यटक वहां फंसे हैं वो सभी टूर पैकेज कराकर 18 अप्रैल को यहां से निकले थे। वो लोग जम्मू, श्रीनगर, पहलगाम सभी जगह घूमने जाने वाले थे।
कश्मीरी व्यवसायी ने चिरमिरी के 4 परिवारों के 11 सदस्यों की बचाई जान
पहलगाम में आतंकी हमले के दौरान चिरमिरी के 4 परिवारों के 11 सदस्य भी घटनास्थल पर थे। गोलीबारी के बीच उनके साथ मौजूद कश्मीरी व्यवसायी नजाकत अली ने उन्हें बेसरन घाटी से बचाकर निकाला और होटल तक लेकर पहुंचे। सभी 11 सदस्य श्रीनगर में आर्मी के पहरे में हैं और गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। परिजनों से बातचीत में इसकी जानकारी फंसे परिवारों ने दी कि वे नजाकत अली की सूझबूझ से बच निकलने में कामयाब रहे।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान एमसीबी जिले के चिरमिरी के 11 सदस्य भी मौजूद थे। इनमें कुलदीप स्थापक, अरविंद अग्रवाल, हैप्पी बधावान और शिवांश जैन का परिवार शामिल है। कुलदीप स्थापक की पत्नी पूर्वा स्थापक नगर निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद हैं। इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। वे 22 अप्रैल को पहलगाम के बेसरन घाटी में घूमने पहुंचे थे।
चलने लगी गोली तो नजाकत ने बचाया
पूर्व पार्षद शिवांश जैन ने घटना के बाद परिवारजनों को फोनकर बताया कि जब गोली चलने लगी तो उनके साथ कश्मीर के व्यवसायी युवक नजाकत अली ने सामने आकर सभी को बाहर निकाला। इस दौरान 9 सदस्य निकलने में कामयाब रहे। अरविंद अग्रवाल की पत्नी और बच्चे को सेना के जवानों ने होटल तक पहुंचाया।
कश्मीर के निवासी नजाकत अली और उनके साथ हर साल सर्दियों में कश्मीरी शॉल और गर्म कपड़े बेचने के लिए चिरमिरी परिवार के साथ आते हैं। उनका शिवांश जैन से घनिष्ट संबंध बना हुआ है। चिरमिरी के 11 लोग जब पहलगाम पहुंचे थे तो नजाकत अली उन्हें घुमाने के लिए लेकर बेसरन घाटी पहुंचे थे।
सेना के कैंप में सुरक्षित हैं 11 सदस्य
बेसरन घाटी से निकलने के बाद नजाकत अली सभी को होटल पहुंचाया। वहां से सभी लोग आर्मी कैंप श्रीनगर पहुंचे। आर्मी ने सभी को अपने कैंप में सुरक्षित रखा हुआ है। 24 अप्रैल को सभी 11 सदस्य फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
परिजनों को दोपहर में मिली सूचना
शिवांश जैन की मां ने बताया कि घटना की सूचना साढ़े तीन बजे मिली, जब सभी लोग सुरक्षित होटल में पहुंच गए थे। वहीं इनके दोस्त से फोन में बात हुई। 9 बजे फोन की बताया कि महिला-पुरुष को अलग-अलग सुरक्षित श्रीनगर पहुंचाया गया है।