अपनी बेटी से दुष्कर्म करने के दोषी पिता को आजीवन कारावास से दंडित किया गया है। तीन साल पहले तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हुई घटना की विशेष न्यायाधीश विनय कुमार प्रधान ने सुनवाई की। साथ ही कहा कि बाप बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले को सजा देना अनिवार्य है। ताकि समाज में इस तरह की शर्मनाक घटना दोबारा न हो।विशेष लोक अभियोजक विमला ताण्डी ने बताया कि तेलीबांधा निवासी 12 साल बालिका ने अपने ही पिता के खिलाफ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। तेलीबांधा पुलिस को बताया कि उसके पिता राहुल (35) अश्लील वीडियो दिखाकर दुष्कर्म करते थे। इसकी जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी देते थे। डर के चलते चुप रहने के कारण 7 जनवरी 2022 से 7 जनवरी 2024 तक जबरदस्ती उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।
हरकतों से परेशान होकर पीड़िता ने उठाया कदम
पिता की हरकतों से परेशान होकर बालिका ने इसकी जानकारी अपनी मां को बताई। साथ ही थाने में जाकर शिकायत की। पुलिस ने शिकायत पर गिरफ्तार कर एफआईआर दर्ज की। विवेचना के दौरान पीड़िता सहित परिजनों से पूछताछ कर बयान दर्ज किया। वहीं प्रकरण की जांच करने के बाद केस डायरी कोर्ट में पेश की। जहां विशेष न्यायाधीश ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पिता राहुल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।
सबक मिलना जरूरी
विशेष न्यायाधीश ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी स्वयं की 16 वर्ष से कम उम्र की बेटी के साथ दुष्कर्म का दोषी है। पिता-पुत्री का रिश्ता अत्यंत ही पवित्र होता है।