
जियो टैग कर सरकार के पास रिपोर्ट भेज दिया
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर योजना में गड़बड़ी की शिकायत आम हो चुकी है। हम चाहे आवास योजना की बात करें या फिर जल जीवन मिशन की। जांजगीर-चांपा जिले में दोनों ही योजनाओं का बुरा हाल है। हम आवास योजना की बात करें तो यहां ऐसे हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया गया है जो पहले से आलीशान मकान का निर्माण कर रहा है। मकान मालिकों द्वारा आवास मित्र से सांठ-गांठ कर इसी मकानों को जियो टैग कर सरकार के पास रिपोर्ट भेज दिया और हितग्राही के खाते में पैसे भी आ गए।
गरीब व आवासहीनों के लिए है योजना
अत्यंत गरीब व आवासहीनों के लिए यह योजना लागू की है, लेकिन इसका लाभ अमीर वर्ग के लोग उठा रहे हैं। गंभीर बात यह है कि पंचायत विभाग के अफसर भी बिना जांचे परखे ऐसे लोगों को योजना का लाभ दे रहे हैं।
निर्धारित समयानुसार 3 किस्तों में मिलती है रकम
आवास योजना के तहत हितग्राहियों को तीन किस्तों में राशि देनी होती है। प्रथम किस्त प्लिंथ लेवल पर, द्वितीय किस्त डोर लेवल पर और अंतिम किस्त मकान बन जाने के बाद। लेकिन सरकारी कर्मचारी अलग-अलग स्थानों का जियो टैग कर हितग्राहियों से लेन-देन कर राशि जारी कर देते हैं।केस – 1. बम्हनीडीह ब्लाक के गिधौरी पंचायत में संतोषी यादव को पीएम आवास योजना का लाभ मिला है। जबकि संतोषी यादव पहले से आलीशान बिल्डिंग बनवा चुकी है। जब सरकार की लिस्ट में उसका नाम आया तो आवास मित्र से साठ-गांठ कर योजना के तहत दो किस्तों में 95 हजार ले चुकी है। अब उसे अंतिम किस्त भी मिलने वाली है।केस – 2. बम्हनीडीह ब्लॉक के गिधौरी पंचायत में ही टिमक राम आवास योजना का लाभ मिला। जबकि वह छह माह पहले ही दो मंजिला मकान बनवा चुका है। आवास मित्र ने उससे साठ-गांठ कर पीएम योजना का लाभ दे दिया। योजना के तहत उसे दो किस्तों में 95 हजार मिल चुका है। अगली किस्त आने ही वाली है।