पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार बार-बार मेरे खिलाफ कार्रवाई कर मुझे शारीरिक और मानसिक रुप से प्रताड़ित करना चाहते हैं। वे मुझे गिरफ्तार करना चाहते हैं तो मैं तैयार बैठा हूं। मुझे इसका कोई डर नहीं है। भूपेश ने कहा कि सात साल पुराने सीडी कांड में कोर्ट ने मुझे सीबीआई के आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया तो अब नया खेल शुरू किया गया है।
पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनना और पंजाब का प्रभारी बनना, इन लोगों को खटक रहा है। इसलिए बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। भूपेश ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महादेव सट्टा एप के मामले में ईडी ने केस ईओडब्ल्यू को सौंपा, ईओडब्ल्यू ने सीबीआई को सौंपा। 18 दिसंबर 2024 को एफआईआर हुई थी जिसे अब सार्वजनिक किया गया है।
भूपेश ने कहा कि भारत सरकार के पास इसके खिलाफ कोई कानून नहीं है। 1867 गेमिंग एक्ट अंग्रेजों के समय का है। हमारी सरकार ने इस मामले में कानून बनाया और हमारे खिलाफ ही बदले दिखाई जा रही है। भूपेश ने सवाल उठाया कि चुनाव से पहले नवंबर में शुभम सोनी नाम के व्यक्ति का वीडियो भाजपा कार्यालय से जारी किया जाता है।
शुभम के इस वीडियो को भाजपा ने सार्वजनिक कैसे किया? उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? सीबीआई की एफआईआर में मेरा नाम छठवें नंबर पर है। मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर का नाम मेरे बाद है।
सीबीआई ने अपने एफआईआर में जिन 21 बेटिंग एप का उल्लेख किया है तथा उनके मालिक और पार्टनर का नाम बताया है उनमें से किसी में भी शुभम सोनी को मालिक या पार्टनर नहीं बताया है। उसी शुभम सोनी के कथित बयान के आधार पर मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
भूपेश ने सीबीआई से सवाल किया है कि यदि महादेव सट्टा ऐप मामले में आरोपी शुभम सोनी के आरोप पर मुझ पर एफआईआर हो सकती है तो मैं भी आरोप लगा रहा हूं कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के संरक्षण में महादेव ऐप चल रहा है क्या सीबीआई इस पर जांच और कार्यवाही करेगी?
बघेल की लोकप्रियता से डरी हुई है भाजपा : शुक्ला
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भूपेश बघेल से भाजपा का डर कोई नया नहीं है। जब बघेल पीसीसी अध्यक्ष थे, तब रमन सरकार ने उनके पीछे राज्य की एजेंसियां लगा दी थीं। उनके खिलाफ सीडी का झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा।
सीडी मामले में उनके खिलाफ सीबीआई जांच करवाई। मुख्यमंत्री रहते बदनाम करने उनके सहयोगियों के खिलाफ ईडी सीबीआई की रेड करवाई। एक ड्राइवर के कथित बयान के आधार पर उनके खिलाफ ईडी ने आधारहीन प्रेस नोट जारी कर महादेव एप मामले में झूठा आरोप लगाया।